एक रोडवेज बस पर आश्रित दस गांवों के ग्रामीण झड़वासा हाइवे पर साधन का टोटा
अजमेर / देरांठू. निकटवर्ती ग्राम झड़वासा कस्बे में राष्ट्रीय राजमार्ग 79 पर कई साधारण एक्सप्रेस व निजी लग्जरी बसें चलने के बावजूद भी झड़वासा सहित दस गांवों के ग्रामीणों को आज भी अपने निजी साधन मोटरसाइकिल व अन्य साधनों से यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में रोजाना मजदूर पर जाने वाले, सब्जी व अनाज मंडी जाने वाले किसानो के साथ सरकारी कार्यों पर जाने वाले कर्मचारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
झड़वासा हाइवे पर स्थित होते हुए भी सिर्फ अजयमेरु डिपो की अजमेर से भिनाय व देवलिया कलां जाने वाली रोडवेज की बसें दिन में दो फेरे करती थी। इसमें भी अभी एक बस कई दिनों से बंद है। सभी यात्रियों को एक ही मुसाफिरों से ठसाठस बस से आना जाना पड़ता है।
बालिका शिक्षा में बाधा
झड़वासा सहित सभी दस गांवों की बेटियां कक्षा बारहवीं के बाद आगे सिर्फ इसलिए नहीं पढ़ पाती कि स्कूल-कॉलेज तक आने-जाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है।
एक्सप्रेस बसों का हो ठहराव
हाइवे पर होते हुए भी सारी रोडवेज बस एक्सप्रेस होने से झड़वासा में नहीं रुकती है । पिछले 40 वर्षों से कई पार्टियों की सरकारें आई-गई और कई शिविरों में रोडवेज प्रबन्धकों व प्रशासन को भी बताया मगर सिफऱ् दो रोडवेज बसों का ठहराव हुआ। उसमे भी एक बन्द हो गई। इसी के चलते हाइवे पर अवैध टैक्सी चालक सवारियों को ठूंस-ठूंस कर भरते और और मनमाना किराया भी वसूल करते हैं। झड़वासा सरपंच देवकरण गुर्जर तथा ग्रामीणों ने सरकार के साथ रोडवेज निगम से मांग की कि कम से कम चार एक्सप्रेस बसों का ठहराव अजमेर व भीलवाड़ा की तरफ झड़वासा बस स्टॉप पर किया जाए।