भीलवाड़ा, चित्तौडग़ढ़ व माण्डलगढ़ इलाके में मूसलाधर बारिश से बांध का जलस्तर बढ़ा,शनिवार दोपहर तक हर घंटा 1,44,240 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, शाम से आठ गेटों से 96 हजार क्यूसेक पानी की निकासी जारी
अजमेर. बीसलपुर बांध (bisalpur dame) में इन दिनों पानी की आवक अचानक बढ़ गई। कैचमेंट एरिया में मूसलाधार बारिश होने से बांध का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते शनिवार दोपहर सभी 16 गेट खोलकर हर घंटा 1,44,240 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम को आठ गेट बंद कर शेष गेटों से पानी की निकासी जारी रखी गई।
समाचार लिखे जाने तक बांध के आठ गेटों से प्रत्येक घंटा 96 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शुक्रवार को बांध के छह गेट खोले गए थे। इन दिनों बांध के कैचमेंट एरिया सहित चित्तौडग़ढ़ व भीलवाड़ा जिले में मूसलाधार बारिश के चलते बीसलपुर बांध में शनिवार सुबह से पानी की आवक अचानक बढ़ गई।
बीसलपुर बांध के एईएन मनीष बंसल ने बताया कि बांध की पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। जो 19 अगस्त को भरने के बाद पहले दो गेट खोले गए। तभी से पानी की निकासी जारी है, लेकिन शनिवार को पानी की अचानक आवक बढ़ गई।
बांध के कुल 16 गेट
बीसलपुर बांध के कुल १६ गेट हैं। इनमें से आठ गेटों से पानी की निकासी जारी है। बांध के गेट नम्बर 5,6, 7, 8, 9, 10,12 व 13 को दो-दो मीटर खोला गया है। दोपहर में बांध के सभी 16 गेटों को तीन-तीन मीटर खोला गया था। बाद में आठ गेट बंद कर दिए।
त्रिवेणी रेकॉर्ड उफान पर
बीसलपुर बांध की मुख्य नदी बनास नदी शनिवार को रेकॉर्ड उफान पर रही। त्रिवेणी का गेज शनिवार सुबह 4.50 मीटर था जो शाम को बढक़र 6.30 मीटर हो गया। भीलवाड़ा, चित्तौडग़ढ़ व माण्डलगढ़ इलाके में मूसलाधर बारिश के चलते बनास नदी फिर से उफान पर है। बांध की सहायक नदियां डाई व खारी नदी से भी पानी की आवक जारी है।
रविवार को फिर बढ़ेगा पानी
बांध से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि त्रिवेणी नदी का गेज रेकॉर्ड 6.30 पर होने पर रविवार को बांध का जलस्तर बढऩे की उम्मीद है। चित्तौडग़ढ़ के गंभीरी बांध व घोसुण्डा बांध से पानी की निकासी व मूसलाधार बारिश होने से बीसलपुर बांध में पानी की तेजी से आवक होगी।
डाउन स्ट्रीम में बिगड़े हालात
बीसलपुर बांध से छोड़े गए पानी के चलते बांध के डाउन स्ट्रीम में हालात बिगड़ गए हैं। डाउन स्ट्रीम में रपटों पर पानी आने से कई मार्ग अवरुद्ध हो गए। बांध प्रशासन भी सायरन बजाकर लोगों को आगाह कर रहा है। बांध में पानी की आवक ऐसी ही रही तो समीप के गांवों में पानी घुसने की आशंका है।