
सुबह से मंडराते बादलों ने शुक्रवार रात को चुप्पी तोड़ी। कई इलाकों में तेज बरसात हुई। सड़कों और नालियों में पानी बह गया। अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
रात्रि 8.30 बजे अचानक आकाशीय बिजली चमकने के साथ मौसम बदला। बादलों ने टपका-टपकी शुरू कर दी। रात्रि 9 बजे सिविल लाइंस, पुलिस लाइन, वैशाली नगर, लोहागल रोड, पंचशील, हरिभाऊ उपाध्याय नगर, रामगंज, स्टेशन रोड, कचहरी रोड व अन्य इलाकों में तेज हवा के संग बरसात हुई। पिछले साल भी चैत्र माह में बरसात हुई थी। अजमेर सहित समूचे जिले में कहीं तेज बरसात तो कहीं हल्की बारिश ने भिगोया था। जून में बिपरजॉय चक्रवात ने झमाझम बरसात से भिगोया था। इससे आनासागर झील का पानी गौरव पथ पर भर गया था। कई दिनों तक इसकी चादर चली थी।
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अजमेर. चैत्र में गर्माहट बनी हुई है। सुबह से आसमान में बादलों की टुकडिय़ां मंडराती रही। कई बार धूप-छांव का दौर चला। इसके बावजूद धूप और गर्माहट का असर रहा। सुबह धूप निकली पर आसमान बादल भी मंडराते दिखे। अलबत्ता धूप में तीखापन कायम रहा। मौसम में गर्माहट भी महसूस हुई। शाम तक बादलों की टुकडिय़ां मंडराती रही। अप्रेल के पहले सप्ताह में फिलहाल धूप की प्रचंडता और हीटवेव का असर नहीं दिखा है।
आगामी दिनों में मौसम
अप्रेल के पहले और दूसर पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से कहीं-कहीं हल्की बारिश या फिर बूंदाबांदी गर्मी से राहत प्रदान कर सकती है। हालांकि धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि होगी। साथ ही लू चलने के भी आसार बताए जा रहे हैं।