
हत्या का आरोपी पति राजन और पत्नी शालू (फोटो: पत्रिका)
Life Imprisonment To Husband-Wife In Murder Case: प्रेमिका को हत्या के इरादे से अजमेर लेकर आने और किराए के कमरे में उसकी पत्नी के साथ मिलकर हत्या कर फरार हो जाने के लगभग 9 साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश नीरज गुप्ता ने प्रकरण में UP के इलाहाबाद, सिरसा निवासी पति राजन केशरी और उसकी पत्नी शालू केशरी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी किया है। अभियुक्त राजन ने मृतका ज्योति को पत्नी बनाकर साथ रखा हुआ था।
प्रकरण के अनुसार अजमेर के क्रिश्चयनगंज थाने पर 24 मई 2017 को मुकदमा दर्ज किया गया। फरियादी मकान मालिक बालाजी नगर निवासी रामकिशन उदय ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका मकान ईदगाह क्षेत्र में पब्लिक स्कूल के पास है। गुलाब बाड़ी निवासी सुखदेव माली ने 17 मई 2017 को अभियुक्त राजन से मिलवाया और बताया कि उसको कमरा किराए पर चाहिए। इसके बाद 19 मई से अभियुक्त राजन और उसके साथ दो युवतियां और एक बच्चा उसके यहां कमरे में किराए पर रहने लगे। मांगने पर उसने ID तो नहीं दी लेकिन मोबाईल नम्बर दिए।
वह 24 मई को जब कमरे पर गया तो वहां तेज बदबू आ रही थी। कमरे का ताला तोड़कर देखा तो अन्दर फर्श पर एक औरत की लाश पड़ी थी। इसके बाद थाने में सूचना दी। लाश का गला कटा और चेहरा कुचला हुआ था। उसने आशंका जताई कि उक्त महिला को सम्भवतया साथ वालों ने मार दिया और लाश को कमरे में छोड़ ताला लगा कर भाग गए।
पुलिस ने अनुसंधान के दौरान मोबाइल नम्बर की सीडीआर निकलवाई। इसके आधार पर राजन को इंदौर और शालू को गुड़गांव से गिरफ्तार किया। अनुसंधान में सामने आया कि राजन व शालू पति-पत्नी थे, जबकि मृतका ज्योति राजन की प्रेमिका होकर पत्नी के रूप में रहती थी। मृतका ज्योति राजन को उसकी पत्नी शालू के साथ रहने नहीं देना चाहती थी। इस बात को लेकर वह दोनों से झगड़ा करती थी।
इन कारणों के चलते राजन और शालू अपने रास्ते से ज्योति को हटाना चाहते थे। इसी लिए उन्होंने अजमेर के ईदगाह स्थित मकान में कमरा किराए पर लिया। 20 मई 17 को दिन में ज्योति का पत्थर और ईंट से सिर कुचल व चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी।
अपर लोक अभियोजक हरदेव सिंह रावत के अनुसार मृतका ज्योति अनाथाश्रम में पली बढ़ी थी। वह आगरा में इवेंट का काम करती थी। इसी सिलसिले में उसका अक्सर अजमेर आना होता था। उसकी राजन से आगरा आते जाते ट्रेन में ही मुलाकात हुई थी। शादीशुदा राजन से प्रेम होने पर दोनों ने आगरा में एक मंदिर में शादी कर ली। अभियुक्तगण हत्या के इरादे से ही उसे बहाने से अजमेर लेकर आए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पती-पत्नी जमानत पर थे। मंगलवार को दोनों को फैसला सुनाए जाने के दौरान हिरासत में लिया और सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हरदेव सिंह रावत ने तीस गवाहों के बयान दर्ज कराए। उन्होंने गवाहों के बयान व जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त सजा सुनाए जाने का अदालत से निवेदन किया।
Updated on:
08 Jul 2026 06:54 am
Published on:
08 Jul 2026 06:53 am
