घरों-दफ्तरों के फर्श, दीवार और सडक़ें शाम तक भट्टी की तरह तप रही हैं।
अजमेर.
सूरज ने पाने में कसर नहीं छोड़ी है। मई में जबरस्त तपन का असर जून में दिखेगा। शनिवार सुबह से ही गर्माहट महसूस हो रही है। सूरज निकलने के साथ ही लोगों में बैचेनी दिखने लगी है।
सुबह से तेज धूप के चलते लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। टंकियों का पानी भी गर्म महसूस हुआ। लोग सुबह सैर सपाटे से जल्दी लौटते दिखाई दिए। पिछले मई से ही गर्म लू के थपेड़ों और धूप का कहर कायम है भीषण गर्मी में पंखे और कूलर भी ज्यादा साथ देते नहीं दिख रहे। लोगों को ठंडक नसीब नहीं हो रही। घरों-दफ्तरों के फर्श, दीवार और सडक़ें शाम तक भट्टी की तरह तप रही हैं। राहगीर, वाहन चालक मुंह और सिर पर कपड़ा ढांपकर बाहर निकलते देखे जा सकते हैं। इन दिनों न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
पारा लगातार 40 के पार
पारा पिछले एक सप्ताह से 40 डिग्री से नीचे नहीं उतरा है। 17 मई मई को बरसात और अंधड़ के चलते पारा लुढकऱ 36.0 डिग्री पर पहुंचा था। इसके बाद सूरज ने पारे को नीचे नहीं उतरने दिया। धूप की तपन और लू के झौंके शरीर को कचोटते रहे हैं। अलबत्ता पारे का 19 मई 2016 का 46.2 का रिकॉर्ड इस बार भी नहीं टूट पाया है।