अनचाहे नवजात शिशुओं को लावारिस के रूप में फेंके जाने की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लागू की गई चिकित्सा विभाग की आश्रय पालन योजना पर एक स्टीकर पलीता लगा रहा है।
नसीराबाद. अनचाहे नवजात शिशुओं को लावारिस के रूप में फेंके जाने की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लागू की गई चिकित्सा विभाग की आश्रय पालन योजना पर एक स्टीकर पलीता लगा रहा है।
योजना के लिए बनाए गए स्थल पर नसीराबाद चिकित्सा प्रशासन ने एक स्टीकर भी चस्पा करवा दिया है। इस पर लिखा है कि आप सीसी टीवी कैमरे की नजर में हैं। ऐसे में कौन यहां अनचाहे नवजात शिशु को छोड़ेगा। अपनी पहचान छिपाने वाला कैमरे की नजर में क्यों आना चाहेगा।
चिकित्सा महकमे ने कुछ समय पूर्व प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में आश्रय पालना स्थल कक्षों को स्थापित करवाया। उन पर मोटे शब्दों में यह भी लिखवा दिया कि फेंके नहीं, हमें दें। बिना पहचान बताए पालने में छोड़ जाएं।
पालना स्थल पर यह भी लिखा है कि पालने में छोडऩे के 2 मिनट बाद घंटी बजेगी। इस दौरान लाने वाला सुरक्षित रूप से जा सकेगा व घंटी बजने के बाद चिकित्सक नवजात को अपने संरक्षण में ले लेंगे।
कौन हिम्मत करेगा!
अनचाहे नवजात शिशु को फेंकने वाला पालना स्थल की रेकी करके उसमें शिशु को छोडऩे का मानस भी बना ले तो वह कैमरे की नजर में आएगा। सवाल ये है कि एेसे में अनचाहे को उक्त स्थल में छोडऩे की हिम्मत कौन जुटाएगा।