14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्रिका पड़ताल: बड़ी चौपड़ से चांदी की टकसाल तक 800 मीटर में 11 पटाखा शॉप, एक चिंगारी बन सकती है बड़े हादसे की वजह

Jaipur Firecracker Shops: पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि राजधानी जयपुर में बड़ी चौपड़ से चांदी की टकसाल के बीच महज 800 मीटर के दायरे में 11 पटाखा दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। ऐतिहासिक हवामहल के पड़ोस में स्थित इन दुकानों के दाएं-बाएं कपड़े के शोरूम हैं, तो ठीक ऊपर मंदिर, होटल और स्कूल मौजूद हैं।

3 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Jun 14, 2026

Jaipur Illegal Firecracker Factory

जयपुर में पटाखा दुकान के बगल में कपड़ा दुकानें और ऊपर स्कूल (पत्रिका फोटो)

Jaipur Illegal Firecracker Factory: जयपुर: राजधानी में चारदीवारी बारूद पर बैठी है। कहीं पटाखों की दुकानों के ऊपर ही मंदिर, होटल और स्कूल तक हैं। तो कहीं कपड़ों की दुकान के बीच बारूद बिक रहा है। पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि हवामहल और किशनपोल जैसे घनी आबादी वाले पर्यटन और व्यवसायिक तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में पटाखा दुकानों और गोदामों में सैकड़ों किलो विस्फोटक सामग्री जमा है।

नियम कहते हैं कि स्कूल, अस्पताल और आबादी से 50 मीटर दूरी जरूरी है। बड़ी चौपड से चांदी की टकसाल के बीच ही करीब 800 मीटर में 11 से अधिक पटाखा शॉप हैं। परकोटे के पटाखा प्रतिष्ठानों के गोदाम भी आबादी क्षेत्र में ही हैं। खोह नागोरियान हादसे के बाद भी प्रशासन का ध्यान बाहरी क्षेत्रों में केंद्रित है, जबकि परकोटे के भीतर एक चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

तीन साल पहले पत्र में चेताया, ध्यान नहीं दिया

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने पटाखा दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए तीन साल पहले पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा था। लेकिन आज भी दुकानें वहीं की वहीं हैं।

क्या हैं नियम

  • 15 मीटर की दूरी में कोई भी दूसरी स्थायी पटाखा दुकान नहीं होनी चाहिए।
  • आवासीय क्षेत्र के साथ स्कूल और अस्पताल से भी 50 मीटर की दूरी पर ही पटाखा शॉप हो सकती है।
  • अस्थायी पटाखा दुकान में 5 से 10 किलो तक ही बारूद रखने की अनुमति होती है।
  • स्थायी पटाखा दुकान में 30 से 50 किलो बारूद रखने की अनुमति होती है।
  • -मुख्य अग्निशमन अधिकारी, देवेंद्र मीणा के अनुसार)

परकोटे के इन बाजारों में हैं पटाखा शॉप

हवामहल, किशनपोल, इंदिरा बाजार, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार और चांदपोल बाजार बाजारों में भीड़-भाड़ रहती है। हमने परकोटा क्षेत्र की पटाखा दुकानों को बाहर शिफ्ट करने के लिए तीन साल पहले पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
-देवेंद्र मीणा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम जयपुर द्वितीय

शहर में 50 साल पुरानी दुकानें हैं। हर पांच साल में लाइसेंस का नवीनीकरण होता है। फीस जमा करवाते ही लाइसेंस का नवीनीकरण हो जाता है। इसमें चेक करवाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती।
-सुरेश हासानी, अध्यक्ष, जयपुर पटाखा ट्रेडर्स समिति

सभी पटाखा शॉप चारदीवारी क्षेत्र से बाहर होनी चाहिए। दिवाली पर पटाखा शॉप के करीब 2000 अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाते हैं। उन्हें भी शहर के बाहर ही जमीन देनी चाहिए।
-रामबाबू दुसाद, अध्यक्ष, अस्थायी पटाखा विक्रेता विकास समिति

50 पुलिसकर्मियों की टीम ने किया डोर-टू-डोर सर्वे

खोह नागोरियान के करीम नगर तलाई में शनिवार को पुलिस ने एक और फैक्ट्री पकड़ी है। आरोपी साजिदा बेगम, फिरोज, आकिल व अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

हालांकि, पुलिस टीमें आठ लोगों की जान लेने वाली अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के मुख्य आरोपी कयूम खान, याकूब खान, फिरोज, फयूम और आदिल तक अब भी नहीं पहुंच पाई है। उनकी तलाश लगातार जारी है।

वहीं, पुलिस ने कॉलोनियों की वैधता और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जांच के लिए जेडीए को पत्र लिखा है। वहीं, खोह नागोरियान गांव तथा आसपास की कॉलोनियों नूर नगर, सदभावना नगर, लूणियावास, खोरी रोपाड़ा, जवाहर वाटिका, ग्रीन सिटी, केसर वाटिका, भावगढ़ बंध्या व अन्य स्थानों पर करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम ने डोर-टू-डोर सर्वे किया।

इस दौरान संचालित गोदामों और करीब 250 मकानों की तलाशी ली गई। सर्वे के दौरान अवैध रूप से संचालित कबाड़ी, कतरन, ब्रेड टोस्ट, फर्नीचर आदि के करीब 11 गोदाम चिह्नित किए गए।