अराई थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के बूते सेना में भर्ती होने वाले बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र के काकनियावास गांव की देशवाली ढाणी निवासी युवक को गिरफ्तार कर लिया।
अजमेर/ब्यावर। अराई थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के बूते सेना में भर्ती होने वाले बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र के काकनियावास गांव की देशवाली ढाणी निवासी युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जहां से उसे अजमेर के केंद्रीय कारागृह भेजने के आदेश दिए।
नवंबर 2022 में बांदरसिंदरी थाने में दस्तावेज़ों से छेडछाड कर सेना में भर्ती होने से एक मामला दर्ज किया गया था। आरोप लगाया गया कि आरोपी मोइनुद्दीन पुत्र मोहम्मद नूर (25) ने दस्तावेजों में हेराफेरी से सेना में नौकरी प्राप्त कर ली।
शिकायत मिलने पर सेना मुख्यालय ने मोइनुद्दीन को सेवा से बर्खास्त कर दिया। उसके बाद बांदरसिंदरी थाने में आरोपी के खिलाफ फर्जीवाडे का मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे की जांच अराई थाना प्रभारी गुमान सिंह निर्माण ने की। अराई पुलिस ने उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद मोइनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया।
हो चुका था ओवरएज
काकनियावास गांव की देशवाली ढाणी निवासी मोहम्मद नूर (46) के दो बेटे एवं एक बेटी है। मोइनुद्दीन का जन्म 6 नवम्बर 1998 एवं उसके छोटे भाई जुलाई 2001 में हुआ। मोईनुद्दीन 2013 में दसवीं की परीक्षा पास कर सेना में भर्ती के लिए तैयारी करने लग गया। लेकिन उससे पहले उसके छोटे भाई का 2018 में सेना में चयन हो या। जबकि और मोइनुद्दीन ओवरएज हो गया।
नाम बदला, मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाया
मोइनुद्दीन छोटे भाई के सेना में जाने एवं अपने ओवरएज होने से ग्लानि में था। ऐसे में उसने फर्जीवाड़े से सेना में भर्ती होने की ठानी। उसने सबसे पहले 18 अगस्त 2019 में अपना मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। उसके बाद अपना नाम बदला और मोहिन सिसोदिया के नाम से आधार कार्ड बनवा लिया। इसमें पिता मोहम्मद नूर व मां फातिमा दर्ज करवाया। वर्ष 2019 में वापस दसवीं की परीक्षा दी जिसमें अपनी उम्र अपने छोटे भाई से कम लिखवा ली। दसवीं बोर्ड की अंक तालिका हासिल कर फर्जी दस्तावेजों के बल पर सेना की भर्ती परीक्षा दी और पास हो गया।
फंसा अपने ही बुने जाल में
मोइनुद्दीन के पूरे परिवार, रिश्तेदारों एवं गांव वालों को पता था कि वह ओवरएज हो चुका है। ऐसे में किसी ने उसकी सेना मुख्यालय में शिकायत कर दी।