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अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ada में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) jda की तर्ज पर काम करने की कवायद अब ठंडी पड़ती नजर आ रही है। मार्च में यह व्यवस्था arrangement एडीए में लागू की गई थी। इस व्यवस्था का उद्देश्य एडीए के कामकाज में तेजी आने के साथ ही फाइल किसके पास अटकी है इसका तुरंत पता चल सके। कर्मचारियों employees की लेटलतीफी व बहानेबाजी पर भी रोक लग सके। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारी व अधिकारी जोनवार Zone-wise बैठना भी शुरु हो गए थे,उन्होनें अपने कामकाज से सम्बन्धित रिकॉर्ड भी नए सीट पर जमा लिया था। लेकिन अब तीन माह बाद ही नई व्यवस्था फेल fail होती नजर आ रही है। कुछ कर्मचारियों को छोड़ कर अधिकतर कर्मचारी-अधिकारी अपने पुराने ढर्रे व ठिकानों पर लौट आए हैं,अपने रिकॉर्ड भी पुराने सीट पर वापस जमा लिए हैं। अधिकारी भी अपने पुराने चैम्बरों में बैठने seating लगे हैं। एडीए के सभी पटवारी व गिरदावर पटवारी सेक्शन में,जेईएन अपने पुराने सेक्शन तथा बाबू अपनी योजना शाखाओं में लौट गए हैं। एडीए की तकनीकी शाखा में अब अभियंतों की सीटों पर कम्प्यूटर ऑपरेटर काम करते नजर आते हैं।
यह थी योजना
प्राधिकरण ने मार्च में आदेश जारी कर अधिकारियों,अभिंयताओं,पटवारियों व मंत्रालयिक संवर्ग के कार्मिकों के कार्यक्षेत्र बदलते हुए उनके बैठने के लिए जोनवार कक्ष भी आवंटित किए थे। अजमेर उत्तर,दक्षिण,पुष्कर व किशनगढ़ जोन के उपायुक्तों के साथ ही इन जोन में काम करने वाले अभियंता, पटवारी तथा मंत्रालयिक कर्मचारी भी एकसाथ बैठने के निर्देश दिए गए थे। जोन उत्तर के कर्मचारी-अधिकारी कक्ष संख्या 17,दक्षिण जोन के लिए कक्ष संख्या 36,किशनगढ़ व पुष्कर जोन के कर्मचारी व अधिकारी कक्ष संख्या 37 को निर्धारित किया गया था।
इनका कहना है
उत्तर जोन के लिए हॉल में फिलहार कोविड-19 की व्यवस्थाओं को लेकर कंट्रोल रूम चलायाजा रहा है। यहां कोरंटीन सहित अन्य व्यवस्थाओं से सम्बन्धि काम हो रहा है। सरकार के आदेशों के बाद इसे बंद किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी पुन: जोनवार बैठेंगे।
किशोर कुमार,सचिव एडीए
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