अलीगढ़

मासूम बच्ची की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देख आपका कलेजा कांप उठेगा, बर्बरता की पराकाष्ठा पढ़ने के लिए जुटानी पड़ेगी हिम्म

  बच्ची को न्याय दिलाने के लिए देशभर से आवाजें उठने लगी हैं। एएमयू के कुछ छात्र भी सोशल मीडिया पर एक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ #JusticeforTwinkle नाम से मुहिम चला रहे हैं।
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Updated: 7 Jun 2019, 4:53 PM IST
Child Brutal Murder in Aligarh
Child Brutal Murder in Aligarh

अलीगढ़। अलीगढ़ के टप्पल में ढाई वर्षीय मासूम बच्ची ट्विंकल के साथ हुई बर्बरता ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। जगह जगह मासूम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए आवाजें उठ रही हैं। राजनेताओं से लेकर अभिनेताओं की ओर से भी दरिंदों को कड़ी सजा दिलाने की मांग चल रही है। हाल ही राहुल और प्रियंका गांधी ने भी इस केस को लेकर ट्वीट किया है। सोशल मीडिया पर भी बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए मुहिम चलाई जा रही हैं। एएमयू के कुछ छात्र भी सोशल मीडिया पर एक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ #JusticeforTwinkle नाम से मुहिम चला रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये रिपोर्ट मासूम बच्ची ट्विंकल की है। ये रिपोर्ट तेजी से वायरल हो रही है।

रिपोर्ट में अंग अंग के साथ सामने आयी बर्बरता
अगर ये रिपोर्ट वास्तव में ट्विंकल की है तो इसे पढ़ने के लिए हर किसी को बहुत हिम्मत की जरूरत है, क्योंकि ये रिपोर्ट आपको अंदर तक हिलाकर रख देगी। इस रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के शरीर में छोटी व बड़ी आंत, किडनी, यूरिनरी ब्लैडर, जनिटल्स नहीं मिले। बच्ची के शरीर में आंखें नहीं थीं, उसके हाथ पैर उसकी हत्या से पूर्व काटे गए थे। पत्रिका रिपोर्ट की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।

रिपोर्ट शेयर करते हुए ये लिखा एएमयू छात्र ने
एएमयू के एक छात्र अजय सिंह ने इस रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि इस मेडिकल रिपोर्ट को पढ़ने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए। ये ढाई साल की बच्ची के अंग-अंग का हिसाब है। एक समाज के तौर पर हम कहां खड़े हैं और हमारी बच्चियों पर किन भेड़ियों का साया है ये हमें समझना होगा। इस बेटी के परिवार को हुए नुकसान की भरपाई कोई मुआवजा, कोई सांत्वना नहीं कर सकती। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इन आरोपियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए जो कि पूरे समाज के सामने मिसाल बने और इस तरह के नीच लोगों में कानून का डर बैठे।

ये है पूरा मामला
30 मई को अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के बूढ़ा गांव में एक बच्ची खेलते हुए लापता हो गई थी। 2 जून को बच्ची की लाश कूड़े के ढेर में मिली। शव को कुत्तों का झुंड नोंच रहा था। तेज दुर्गंध आ रही थी। बच्ची की आंखें बाहर निकली हुई थीं और हाथ शरीर से अलग पड़ा था। मासूम की बरामदगी में हुई देरी की वजह से उसके परिजनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद 4 जून को पुलिस ने जाहिद और असलम नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। बच्ची के शव को देखकर पहली बार में लगा कि उसके साथ दरिंदगी हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची कें साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि महज 10 हजार रुपए के विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया है।

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7 Jun 2019, 4:53 PM IST
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