अलीगढ़

Whatsapp ग्रुप से चला रहे थे साइबर घोटाला, अलीगढ़ पुलिस ने 12 शातिर ठगों को पकड़ा

Cyber Crime: अलीगढ़ साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 6 राज्यों से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों को 40% मुनाफे का झांसा देकर ठगता था।
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Feb 08, 2026
cyber crime
प्रतीकात्मक तस्वीर- एआइ

Cyber Crime: अलीगढ़ साइबर पुलिस ने शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश के नाम पर देश भर में चल रहे साइबर ठगी के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 12 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा खेल व्हाट्सऐप ग्रुप पर चल रहा था। इन ग्रुपों में लोगों को जोड़कर उन्हें फर्जी तरीके से अमीर बनने के सपने दिखाए जाते थे। पुलिस ने ऐसे 600 ग्रुप्स की पहचान की। समय रहते कार्रवाई से करीब 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को रोक लिया गया।

6 राज्यों में पुलिस की दबिश, 12 गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अमृत जैन के मुताबिक अलीगढ़ पुलिस ने पिछले 24 घंटों में बेहद कड़ी कार्रवाई की। गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस ने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में एक साथ दबिश दी। इन राज्यों से कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जो सीधे तौर पर ठगी में शामिल थे।

1.5 लाख हो सकते थे शिकार

जांच में पता चला है कि यह गिरोह कितना बड़ा था। पुलिस ने दूरसंचार मंत्रालय की मदद से लगभग 600 व्हाट्सऐप ग्रुप की पहचान की है। इनका इस्तेमाल लोगों को फंसाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो देश भर के करीब 1.5 लाख से ज्यादा लोग इस स्कैम का शिकार हो सकते थे, जिससे 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता था।

बैंक मैनेजर को बनाया निशाना, 11 लाख ठगे

इस स्कैम का खुलासा तब हुआ जब पंजाब नेशनल बैंक के एक सेवानिवृत्त प्रबंधक दिनेश शर्मा ने 31 जनवरी को पुलिस से शिकायत की। आरोपियों ने उन्हें हर हफ्ते 40 प्रतिशत तक का भारी-भरकम मुनाफा दिलाने का लालच दिया था। इस चक्कर में आकर उन्होंने 11 लाख रुपये गंवा दिए थे। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तुरंत कार्रवाई चालू की। पुलिस ने ठगी गई 11 लाख की रकम में से 5.64 लाख रुपये वापस भी करवा दिए।

CBI और इंटरपोल की ली जाएगी मदद

पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह के तार विदेश से भी जुड़े हुए हैं। इस गिरोह का मास्टरमाइंड देश से बाहर बैठकर पूरा नेटवर्क चला रहा था। अलीगढ़ पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय लिंक को खंगालने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल की मदद लेगी। मामले की जांच अभी जारी है।

Updated on:
08 Feb 2026 02:53 pm
Published on:
08 Feb 2026 02:53 pm
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