अलीगढ़

अलीगढ़ में मजदूर जिंदा दफन, 14 फीट गड्ढे में काम करते समय गिरा मिट्टी का टीला

लीगढ़ में 14 फीट गहरे गड्ढे में दबकर मजदूर महेंद्र की मौत। भाई का आरोप- जेई ने जबरन लात मारकर गड्ढे में धकेला। परिजनों का भारी हंगामा, सीएम योगी ने लिया संज्ञान।

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Apr 25, 2026

अलीगढ़ में शनिवार को एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। रेलवे रोड पर जलकल विभाग की पाइपलाइन ठीक कर रहा 32 वर्षीय मजदूर महेंद्र मिट्टी के विशाल टीले के नीचे दब गया। मजदूर के भाई का आरोप है कि मिट्टी दरकने के कारण मजदूर गड्ढे में उतरने से डर रहा था, लेकिन JE ने उसे गाली देकर और लात मारकर जबरन 14 फीट गहरे मौत के मुहाने में धकेल दिया।

रेलवे रोड पर सीवर लाइन डालने के दौरान पानी की पाइपलाइन फट गई थी। इसे ठीक करने के लिए 14 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। राजकुमार का आरोप है कि मिट्टी ऊपर से लगातार गिर रही थी। उसने जेई नरेंद्र सिंह के हाथ जोड़े कि अभी काम बंद कर दो, जान को खतरा है। लेकिन आरोप है कि जेई ने 'कामचोरी' का ताना देते हुए भाई महेंद्र को लात मारकर गड्ढे में गिरा दिया। जैसे ही महेंद्र काम शुरू करने लगा, मिट्टी का एक भारी हिस्सा उसके ऊपर गिर गया।

परिजनों का हंगामा

महेंद्र को जेसीबी की मदद से बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही मजदूर के घरवालों ने जमकर हंगामा किया। जिला अस्पताल में परिजनों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गुस्साए परिजनों ने पुलिस के हाथों से महेंद्र का शव छीन लिया और करीब एक घंटे तक हंगामा किया। उनकी मांग थी कि दोषी जेई के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। बन्नादेवी पुलिस और सीओ के काफी समझाने और कार्रवाई का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया।

मजदूरों ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

मजदूरों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि यह काम किसी ठेकेदार के जरिए नहीं, बल्कि जेई अपनी जेब भरने के लिए प्राइवेट तरीके से करा रहा था। मौके पर न तो मजदूरों के पास हेलमेट था, न बेल्ट और न ही कोई सुरक्षा जैकेट। मृतक की पत्नी मालती ने बताया कि उसके पति को रात 2-2 बजे तक जबरन काम पर बुलाया जाता था। शनिवार सुबह 6 बजे वह घर से निकले थे और दोपहर में उनकी मौत की खबर आई। पीड़ित परिवार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि ठेकेदार को पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
25 Apr 2026 11:17 pm
Published on:
25 Apr 2026 11:16 pm
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