अलीगढ़

भू​माफिया की लिस्ट में भाजपा नेता, तालाब पर कब्जे के मामले में एफआईआर दर्ज

तालाब की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर कब्जाने के मामले में भाजपा नेता रमेश चंद्र सिंघल समेत 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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Mar 12, 2018
mafia

अलीगढ़। जिले में तालाब पर अवैध कब्जा प्रकरण में 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। थाना बन्नादेवी पुलिस ने गूलर रोड स्थित तालाब पर अवैध कब्जे के मामले में भाजपा नेता रमेश चंद्र सिंघल सहित 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में पहले भी तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। गूलर रोड की पोखर को नगर निगम का बताया गया था, मामला कोर्ट में लंबित भी है। शहर में गूलर रोड स्थित स्लेज फॉर्म की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में नगर निगम अफसरों ने कार्रवाई की है। उन्होंने शहर के 10 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में नगर आयुक्त सन्तोष कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष नई सरकार के गठन के बाद गूलर रोड पोखर पर 13 लोगों के अतिक्रमण चिन्हित किये गए थे। इन लोगों ने पावर ऑफ़ अटॉर्नी के माध्यम से स्लेज की जमीन बेची थी। इनमें से तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई पिछले वर्ष ही हो गई थी।

आठ मार्च को यहां पर फिर से कब्जे का मामला संज्ञान में आया। 10 मार्च को निरीक्षण किया गया और कार्रवाई के निर्देश दिये गये, जिसमें पता चला कि कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है। सोमवार को इन्हीं लोगों के खिलाफ मुकदमे के लिए नामजद तहरीर पुलिस को दी गई है। पुलिस के अनुसार नगर निगम की तहरीर पर 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें रमेश चंद्र सिंघल, प्रशांत सिंघल, निशांत सिंघल, सुरेश चंद्र गर्ग, निरंजन सिंह, विजय सिंह, ओमप्रकाश, अशोक कुमार, शिवदयाल, दीपेंद्र सिंह के नाम शामिल है। सन् 2013 में तालाब पर अवैध कब्जे की शिकायतें हुई थी,लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति होती रही। हालाकि नगर आयुक्त कहते है कि नगर निगम की संपत्ति पर अवैध कब्जे नहीं होने देंगे।

आपको बता दें कि योगी सरकार की मुहिम के बाद ऐसी सम्पत्तियों को कब्जा मुक्त कराने की कार्यवाई शुरु हो गई है। लंबी जांच प्रक्रिया, भौतिक सत्यापान के बाद अवैध निर्माण चिन्हित कर कार्रवाई शुरू की जा रही है। 28 मई 2017 को बिल्डर राधेलाल शर्मा, शमशाद व मोहम्मद शरीफ के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत तीन अलग अलग मुकदमे दर्ज किए गये थे। तीनों पर फर्जी पावर आॅफ अटार्नी तैयार कर तालाब की जमीन बेचने का आरोप था। इसी क्रम में आगे की कार्रवाई की गई है।

Published on:
12 Mar 2018 12:35 pm
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