
साध्वी प्राची। (Photo-IANS)
साध्वी प्राची ने विश्वविद्यालय प्रशासन और वहां के माहौल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एएमयू का इतिहास देश के विभाजन से जुड़ा रहा है और आज भी वहां की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। साध्वी ने आरोप लगाया कि कैंपस के बॉयज हॉस्टल अब शिक्षा के मंदिर नहीं, बल्कि अवैध हथियारों और फर्जी मार्कशीट के सुरक्षित ठिकाने बन चुके हैं। वह अलीगढ़ में एक निजी कार्यक्रम में पहुंची थीं।
साध्वी प्राची ने छात्र शहजाद के कमरे से बरामद हुए सामान का जिक्र करते हुए कहा कि हॉस्टल में जाली नोट और कारतूसों का मिलना बेहद डराने वाला है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से छात्र यहां अपना भविष्य संवारने आते हैं, लेकिन कैंपस के भीतर चल रहे हथियारों और नकली नोटों के धंधे से छात्रों के मन में भय पैदा हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कैंपस में पढ़ाई का माहौल वापस लाने के लिए इन गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
साध्वी प्राची ने कहा कि सिर्फ सस्पेंशन की कार्रवाई काफी नहीं है। उन्होंने शहजाद को आतंकवादी बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका के तहत कार्रवाई की मांग क। साध्वी ने तर्क दिया कि छात्र के कमरे से जो सामान मिला है, वह उसकी संदिग्ध गतिविधियों को साबित करने के लिए पर्याप्त है।
साध्वी ने एएमयू के अधिकारियों को शहर का सबसे बड़ा भू-माफिया बताते हुए आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किए गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन अधिकारियों के संपर्कों और जमीनों के कब्जों की हाईलेवल जांच कराई जानी चाहिए।
इस पूरे विवाद की शुरुआत 7 अप्रैल की रात से हुई। क्वार्सी थाना क्षेत्र के एफएम टावर के पास एक मकान में नकाबपोश युवक ने फायरिंग की थी। पुलिस जांच में हमलावर की पहचान एएमयू छात्र शहजाद के रूप में हुई। 8 अप्रैल को पुलिस ने एएमयू के सर जियाउद्दीन हॉल में छापेमारी की, लेकिन शहजाद वहां से भागने में सफल रहा।
हालांकि पुलिस को उसके कमरे से भारी मात्रा में संदिग्ध सामान मिला। तलाशी के दौरान नकली नोट, फर्जी मार्कशीट, कारतूस और मैगजीन बरामद की गईं। इसके बाद एएमयू प्रशासन ने छात्र को निष्कासित कर दिया।
Updated on:
16 Apr 2026 12:36 pm
Published on:
16 Apr 2026 12:24 pm
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