अलीगढ़

परिवार को 10 दिन से नहीं मिली रोटी, दो महीने से भरपेट खाना न मिलने से सूख गई मां और पांच बच्चे

अलीगढ़ के थाना सासनी गेट इलाके के आगरा रोड का मामला। लॉकडाउन के कारण महिला की चली गई थी नौकरी। पिछले लॉकडाउन के दौरान हो गई थी पति की मृत्यु।

3 min read
Jun 16, 2021

अलीगढ़। कोरोना काल (corona) में कई ऐसे मामले सामने आए जिन्हें सुनकर लोगों की रूह तक कांप गई। वहीं इस महामारी में लोगों से रोजगार तक छिन गया। जिसके चलते कई परिवारों को सामने दो वक्त के खाने (food) तक के लाले पड़ गए। इसी तरह का एक झकझोर देने वाला मामला अलीगढ़ (aligarh) का सामने आया है। जहां एक महिला और उसके 5 बच्चे करीब 2 महीने से खाने के लिए तरस गए। इतना ही नहीं, इन्होंने पिछले दस दिनों से रोटी तक नहीं खाई। जिसके चलते इनका शरीर तक सूख गया और हालत बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर अब परिवार के सदस्यों को मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार चल रहा है।

जानकारी के अनुसार अलीगढ़ के थाना सासनी गेट इलाके के आगरा रोड स्थित मंदिर नगला में रहने वाली 40 वर्षीय गुड्डी के पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं। बच्चों में बड़ा बेटा अजय (20), विजय (15), बेटी अनुराधा (13), टीटू (10) सबसे छोटा बेटा सुंदरम (5) है। बताया गया है कि उसके पति का देहांत 2020 में लॉकडाउन से 2 दिन बाद ही गंभीर बीमारी के चलते हो गया। इसके बाद परिवार का पेट पालने के लिए गुड्डी ने एक फैक्टरी में काम शुरू किया। जहां उसे महीने के 4 हजार रुपये मिलते थे। लेकिन लॉकडाउन के कारण वह फैक्टरी कुछ समय बाद ही घाटे के कारण बंद हो गई और वह बेरोजगार हो गई। इसके बाद कहीं काम न मिलने पर घर का राशन भी कुछ समय में खत्म हो गया और गुड्डी व उसका परिवार लोगों द्वारा दिए जाने वाले खाने के पैकेट पर निर्भर हो गया।

कुछ समय बाद उसके बड़े बेटे अजय ने पिछला लॉकडाउन खुलने के बाद मजदूरी शुरू की। जिसके सहारे घर का राशन पानी आने लगा। लेकिन वह छह सदस्यों के लिए काफी न था। यही कारण रहा कि पेटभर खाना न मिलने के चलते 13 वर्ष की बेटी अनुराधा की तबीयत खराब होने लगी। फिर धीरे-धीरे पूरा परिवार ही बीमारी की चपेट में आना शुरू हो गया। वहीं इस बीच कोरोना की दूसरी लहर के चलते फिर से प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लग गया। जिसके बाद अजय की मजदूरी भी बंद हो गई। गुड्डी व अजय ने बताया कि पिछले करीब 2 महीने से उनके परिवार को भरपेट खाना तक नसीब नहीं हो सका है। जिसके चलते सभी बीमार पड़ गए। वहीं बीमारी के कारण सबने खुद को घर में ही कैद कर लिया। इस बीच आस पड़ोस से अगर कोई कुछ खाने को दे देता तो उसी में सब गुजारा कर लेते और कई बार तो सिर्फ पानी पीकर ही काम चलाते। नौबत यहां तक आ गई कि इन्होंने पिछले 10 दिनों से रोटी नहीं खाई है। जब इसकी जानकारी उनके रिश्तेदारों को हुई तो उन्होंने पूरे परिवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

मलखान सिंह जिला अस्पताल के इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. अमित ने जानकारी देते हुए बताया कि काफी वक्त से भूखी एक महिला व उसके 5 बच्चों को वार्ड नंबर आठ में भर्ती कराया गया था। मेरे द्वारा उनका हाल चाल पूछा गया और सभी का ट्रीटमेंट शुरू किया गया। परिवार से कहा गया है कि अगर उन्हें किसी भी तरह की मदद चाहिए तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं। अभी परिवार के सभी सदस्यों की हालत ठीक नहीं है। अनुराधा समेत 3 बच्चों की हालत गंभीर स्थिति में है। हालांकि इलाज कर उन्हें जल्द रिकवर कर लिया जाएगा।

Published on:
16 Jun 2021 02:47 pm
Also Read
View All