अलीगढ़

हत्या के सातवें दिन अलीगढ़ के टप्पल में तनाव, मुस्लिमों का पलायन

बिन्दु खां, इरफान, मकसूद खां, मुजम्मिल टप्पल से पलायन कर गए हैं। जानकारों का कहना है कि टप्पल में पुलिस का घेरा कसता जा रहा है। इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है कि जैसे सभी मुस्लिमों ने मिलकर बच्ची को मार डाला है।

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Jun 09, 2019
हत्या के सातवें दिन अलीगढ़ के टप्पल में तनाव, मुस्लिमों का पलायन

अलीगढ़। रुपयों के लेन-देन में ढाई साल की बच्ची की दर्दनाक हत्या के बाद कस्बा टप्पल में तनाव है। कई मुस्लिम परिवार पलायन कर गए हैं। पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा दिया है, लेकिन लगातार दबिश और आंदोलन के कारण भय का माहौल है। रविवार को टप्पल में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। रोड जाम किया। पुलिस ने बल प्रयोग किया। महापंचायत होनी था, जो बाद में रद कर दी गई। भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और त्वरित कार्यबल (आरएएफ) तैनात है।

इन्होंने किया पलायन
बिन्दु खां, इरफान, मकसूद खां, मुजम्मिल टप्पल से पलायन कर गए हैं। जानकारों का कहना है कि टप्पल में पुलिस का घेरा कसता जा रहा है। इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है कि जैसे सभी मुस्लिमों ने मिलकर बच्ची को मार डाला है। जघन्य हत्या का कोई भी समर्थन नहीं कर सकता है। कुछ लोग इसे हिन्दू-मुस्लिम बना रहे हैं। इसी कारण पलायन कर गए हैं। चार घरों पर ताला लगा हुआ है। बताया गया है कि माहौल शांत होने के बाद ही लौटेंगे। पलायन होने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। जब इस तरह के मामले होते हैं तो अफवाहें भी फैलती हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जिनका हत्यकांड में कोई दोष नहीं है, उन्हें पलायन करने की क्या जरूरत है।

हत्याकांड की निंदा
दूसरी ओर निराल खां, छुट्टन हाजी, मुबीन खां, अजीज खां, सुलतान खान, बबले खां, डॉ. यामीन, मतीन खां, फुरकान, पप्पू आदि का कहना है कि हम पीड़ित परिवार के साथ हैं। घिनौने हत्याकांड में शामिल हर व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कस्बा में ***** और मुस्लिम एक साथ रहते हैं। सांप्रदायिक सौहार्द्र बना हुआ है। कोई हमें अलग नहीं कर सकता है।

Updated on:
09 Jun 2019 06:40 pm
Published on:
09 Jun 2019 06:38 pm
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