
अलीगढ़। मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशीद ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग है। अलीगढ़ जनपद में मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष व संघ विचारक ने केंद्र सरकार को पत्र भेज कर यह मांग की है। उन्होंने एक पोस्टर भी जारी किया है। वही एक पोस्टर में एक साथ गांधी परिवार की 3 पीढ़ियों को भारत रत्न देने पर सवाल उठाए हैं। मोहम्मद आमिर रशीद का कहना है कि भारतीय इतिहास के सबसे बड़े क्रांतिकारी रहे सावरकर को एक ही जन्म में दो बार काला पानी की सजा सुनाई गई थी। पूर्व की सरकारों ने अपनी मंशा के अनुरूप सावरकर व उनके परिवार के बलिदान को छिपाया। वीर सावरकर की 135वीं पुण्यतिथि के मौके पर केंद्र सरकार से उनको भारत रत्न दिए जाने की मांग की जा रही है क्योंकि पूर्व की सरकारों ने ऐसे हज़ारों क्रांतिकारियों के बलिदान को छिपाया है। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने गांधी परिवार सहित पार्टी के चाटुकारों को भारत रत्न दिया है। आमिर रशीद ने मांग की है कि महान क्रांतिकारी वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाए।
मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशीद का कहना है कि वैचारिक मतभेदों के कारण पूर्व की सरकारों ने देश के हजारों क्रांतिकारियों के नाम नजरअंदाज किए और वीर सावरकर के त्याग और बलिदान को अनदेखा कर इतिहास से छिपाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज कुछ वामपंथी इतिहासकार सावरकर की निराधार आलोचना करते हैं, जिनकी देश की आजादी में कोई भूमिका नहीं है। मोहम्मद आमिर रशीद ने बताया कि सावरकर की प्रेरणा से मदनलाल ढींगरा ने इंग्लैंड में अंग्रेज का मर्डर किया था जिसके बाद ब्रिटिश हुकूमत वीर सावरकर से घबरा गई थी और उनको वहां से गिरफ्तार कर काला पानी की सजा दी गई थी। उन्होंने कहा कि वामपंथी विचारको को वीर सावरकर के त्याग और बलिदान का एहसास नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके 135वें जन्मदिवस पर केंद्र सरकार से भारत रत्न दिए जाने की मांग की है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पोस्टकार्ड भेज कर मांग को प्रबल बनाएंगे।