देशभर में दशहरे का पावन पर्व मनाया जा रहा है, असत्य पर सत्या की जीत को लेकर हर ओर वातावरण भगवान राम की वापसी को लेकर खुशियों में डूबा है। वहीं उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी से परेशान युवा शिक्षक भर्ती के लिए मंत्री आवास पर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर शिक्षक भर्ती को लेकर युवाओं ने प्रदर्शन किया। 2018 में 68000 शिक्षकों की भर्ती में 5% आरक्षण से वंचित कर दिया गया था. जिसमें ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी शामिल थे. करीब 3000 लोग भर्ती से वंचित रह गए. ये बेरोजगार शिक्षक पिछले 5 साल से भर्ती में इन्हें समायोजित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी को लेकर राजधानी लखनऊ में मंत्री आवास का घेराव हुआ था और अब अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर बुधवार को प्रदर्शन किया गया.
प्रदर्शन कर रहे युवकों ने कहा कि, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से उम्मीद है कि वह हम लोगों की सुनेंगे. प्रदर्शन करने आए युवकों ने कहा कि, हमारी सुनवाई पिछड़ा वर्ग आयोग में चल रही है. जिसमें यह कहा गया कि संवैधानिक संस्था से आदेश आता है, तो इसका पालन किया जाएगा. प्रदर्शन कर रहे युवकों ने बताया कि माननीय बेसिक शिक्षा मंत्री से उम्मीद है कि वह न्याय करेंगे. प्रदर्शन कर रहे युवक धीरेन्द्र मौर्य ने बताया कि संदीप सिंह के दादाजी कल्याण सिंह आरक्षण की एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी जिसकी मिसाल दी जाती है. उन्नाव से आए शिव वीर सिंह ने कहा कि मांगों के लेकर संदीप सिंह के आवास पर आये हैं.
शिक्षक भर्ती को लेकर सैकड़ों की संख्या में मैरिस रोड स्थित बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास राज पैलेस पहुंचे, दरअसल 2018 में भर्ती प्रक्रिया निकली थी. जिसमें लिखित परीक्षा कराई गई थी. लिखित परीक्षा में कट आफ निर्धारित किया गया था. जहां आरक्षित और अनारक्षित शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए था. उसका उसका प्रयोग न करते हुए उल्लंघन किया गया.
2014 की नियमावली के तहत उल्लंघन किया गया. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद और टेट द्वारा इसके अंतर्गत आने वाले भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, दिव्यांग, अन्य पिछड़ा वर्ग के भर्तियों को 5% छूट का प्रावधान है. जो नहीं दिया गया था. उसी को लेकर हमारी मांगे बरकरार है. जिसका अनुपालन बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से करवाने आए हैं.