सपा के पूर्व विधायक कर सकते हैं समाजवादी सेक्युलर मोर्चा ज्वाइन। बसपा से निष्कासन के बाद शुरू हुई चर्चा।
अलीगढ़। समाजवादी पार्टी से दो बार विधायक रहे मुस्लिम नेता हाजी जमीरउल्लाह को बहुजन समाज पार्टी से भी निष्कासित कर दिया गया है। इसके बाद से ही चर्चा तेज हो गई है कि हाजी जमीरउल्लाह शिवपाल के साथ दिखाई देंगे। इस चर्चा का बड़ा कारण ये भी है कि हाजी जमीरउल्लाह शुरू से ही शिवपाल सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं।
10 माह में हुये बसपा से बाहर
हाजी जमीरउल्लाह दिसंबर 2017 में बसपा में शामिल हुये थे। इससे पहले जमीरउल्लाह को वर्ष 2007 में पहली बार समाजवादी पार्टी ने शहर विधान सभा से टिकट दिया था और वह जीत कर विधायक बने। इसके बाद विधानसभा चुनाव 2012 में उनको कोल विधानसभा से सपा ने एक बार फिर टिकट दिया, तो वे दोबारा जीत गए। विधानसभा चुनाव 2017 में पार्टी की कमान अपने हाथ में लेने वाले अखिलेश यादव ने उनका कोल विधानसभा से टिकट काट दिया था, जिसके बाद वे निर्दलीय चुनाव लड़े। इसके बाद उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया।
शिवपाल के साथ जाने की चर्चा
जमीरउल्लाह समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के करीबी माने जाते हैं। यही कारण रहा था कि जब विधानसभा चुनाव 2017 में सैफई परिवार में कलह हुई, तो शिवपाल के साथ नाम जुड़ा होने के कारण जमीरउल्लाह का टिकट काटा गया। जमीरउल्लाह ने बसपा का दामन थाम लिया था, लेकिन अब जब बसपा का साथ छूट गया है, तो उनका समाजवादी सेक्युलर मोर्चे में जाना तय माना जा रहा है। हालांकि सेक्यूलर मोर्चा के मंडल अध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा है।