राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो. राम शंकर कठेरिया द्वारा इलाहाबाद में दिए गए बयान के बाद एएमयू के अधिकारियों में खलबली मच गई है।
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दलितों व पिछड़ों को लेकर आरक्षण की कवायद तेज हो गई है। आरक्षण को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो. राम शंकर कठेरिया द्वारा इलाहाबाद में दिए गए बयान के बाद एएमयू के अधिकारियों में खलबली मच गई है। आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया मंगलवार को अलीगढ़ आ रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष अलीगढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में एएमयू के कुलपति व रजिस्ट्रार को भी बुलाया गया है।
इलाहाबाद में दिया था बयान
आयोग के अध्यक्ष के साथ इस बैठक में मंडलायुक्त अजयदीप सिंह, डीएम चंद्र भूषण सिंह, एसएसपी अजय साहनी भी मौजूद रहेंगे। तीन जुलाई को होने वाली बैठक का स्थान अभी तय नहीं हुआ है। लेकिन सर्किट हाउस में बैठक की चर्चा बताई जा रही है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो. राम शंकर कठेरिया ने एएमयू में आरक्षण का मुद्दा उठाकर माहौल को गरमा दिया है। तीन जुलाई को अलीगढ़ आने से पहले उन्होंने इलाहाबाद में बयान दे कर आरक्षण के माहौल को गरमा दिया है उन्होंने कहा कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं हैं। वहां अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों को दाखिले में आरक्षण मिलना चाहिए। अब लोगों की नजरें तीन जुलाई को अलीगढ़ में होने वाली बैठक पर हैं। बैठक में एएमयू कुलपति व रजिस्ट्रार को भी आमंत्रित किया गया है। हांलाकि सुप्रीमकोर्ट में एएमयू के आरक्षण का मामला विचाराधीन है।
सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है मामला
एएमयू जनसंपर्क विभाग के मेंबर इंचार्ज प्रो.साफे किदवई का कहना है कि एएमयू में जाति-धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं है। अल्पसंख्यक संस्था का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने आरक्षण मामले में यथास्थिति बनाए रखने को कहा है। यहां प्रवेश पूर्व छात्र, एनसीसी, खेल, एससी-एसटी व ओबीसी समेत सात श्रेणी में दिया जाता है। आंतरिक और बाहरी विद्यार्थियों के लिए सीटें जरूर आरक्षित हैं। अगर आयोग एएमयू के आरक्षण के बारे में जानकारी मांगता है तो उन्हें बताई जाएगी। भाजपा के दलित नेता राजीव भारती ने बताया कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय में जो आरक्षण का लाभ मिलता है, एएमयू में दलित छात्रों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है,पहली बार भाजपा इस बात को उठा रही है कि दलितों को एएमयू में आरक्षण मिलना चाहिए।