विश्व हिंदू परिषद् के स्थानीय नेता प्रवीन तोगड़िया की मांगों का समर्थन करते हुए अनशन पर बैठ गए हैं।
अलीगढ़। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे प्रवीण तोगड़िया के समर्थन में अलीगढ़ के विश्व हिन्दू परिषद के स्थानीय नेता भी उतर आए हैं। इसको लेकर वे जिला मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं। इस बारे में विश्व हिंन्दू परिषद् के स्थानीय नेता दीपक शर्मा का कहना है कि प्रवीण भाई तोगड़िया द्वारा 100 करोड़ हिंदुओं की आवाज उठाई गई है। उसे विश्व हिंदू परिषद के नेता दबाने का काम कर रहे हैं। तोगड़िया जी ने जो मांग उठाई है वह 100 करोड़ लोगों की मांगें हैं।
राजनीतिक षडयंत्र के तहत तोगड़िया जी को हराया
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। जम्मू कश्मीर के अंदर हिंदुओं को उनके घर वापस दिलाना चाहिए। धारा 370 हटनी चाहिए। गोहत्या बंदी को लेकर राष्ट्रीय कानून बनना चाहिए। मां बहनों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून बनना चाहिए। किसानों को फसलों का डेढ़ गुना दाम मिलना चाहिए। ऐसी मांगों को लेकर विश्व हिंदू परिषद का चुनाव तीन महीने पहले भुवनेश्वर में हुआ था, जिसमें प्रवीण भाई तोगड़िया विजयी हुए थे। लेकिन आज वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद के जो अध्यक्ष है वो उस चुनाव में हार गए थे। आज पहले वाले वोटों की लिस्ट को बदलकर दिया गया और डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया को राजनीति के षड्यंत्र के तहत हरा दिया गया।
हिन्दूवादी नेता ने कहा कि हिंदुत्व की आवाज बुलंद करने वाले प्रवीण भाई तोगड़िया के साथ हजारों की तादाद में लोग खड़े हैं। सरकार द्वारा रचाए जा रहे षड्यंत्र को उनके समर्थक कभी कामयाब नहीं होने देंगे। हिन्दू वादी नेता ने कहा कि गलत नियत से उन्हें नीचा दिखाया जा रहा है। सरकार का यह गलत कदम है। आपको बता दें बताते चले कि प्रवीण तोगड़िया 32 सालों तक विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े रहे हैं। 2011 से अब तक वे विहिप के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रहे। लेकिन संगठन में चुनाव के बाद रिटायर्ड जस्टिस विष्णु सदाशिव कोकजे को नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं प्रवीण तोगड़िया को अब तक कोई पद नहीं दिया गया है। लोग इसे तोगड़िया युग का अंत मान रहे हैं। ऐसे में प्रवीण तोगड़िया के समर्थक उनके पक्ष में आ गए हैं।