मीरा ने सुखवीर के साथ प्रेम विवाह किया था अब दूसरे प्रेमी के साथ मिल कर सुखवीर की हत्या करा दी।
अलीगढ़। थाना पालीमुकीमपुर के दीनापुर इलाके में 12 जून की रात प्रेमिका से पत्नी बनी मीरा ने ही नए प्रेमी के साथ मिलकर पति सुखवीर की हत्या करा दी। वारदात के वक्त मीरा पति सुखवीर के पास ही लेटी हुई थी। नए प्रेमी के दिये गये मोबाइल से हुई बातचीत के आधार पर पुलिस सुखवीर के हत्यारों तक पहुंची। वारदात में शामिल मीरा व उसके संभल निवासी प्रेमी घनश्याम को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया है।
मोबाइल की कॉल डिटेल से हुआ खुलासा
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि दीनापुर के मजरा नगला मल्लाह निवासी सुखवीर सिंह की हत्या गांव में ही उसके निर्माणाधीन मकान में सोते वक्त गोली मारकर हुई थी। पास ही चारपाई पर पत्नी मीरा सोई थी। पूछताछ में मीरा संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी, तो शक के दायरे में आ गई। वहीं मृतक की मां महादेवी ने गांव के ही रामअवतार सिंह, उसके बेटे अरुन सिंह, अजयपाल व नरेश के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया था। मीरा से कड़ाई से पूछताछ हुई तो मामला सामने आया। एसएसपी ने बताया कि 15 वर्ष पहले मीरा ने सुखवीर के साथ घर से भागकर प्रेम विवाह किया था। दोनों संभल के थाना बहजोई क्षेत्र में गांव किसौली में जाकर बस गए।
कुछ समय पहले ही मीरा के संबंध किसौली के ही घनश्याम से हो गए। सुखवीर, घनश्याम से परिचित था और छह साल पहले हुई उसके पिता रामचंद्र की हत्या में नामजद था। नामजदगी झूठी मिलने पर सुखवीर का नाम निकाल दिया गया था। घनश्याम व मीरा की नजदीकियां बढ़ने पर सुखवीर ने टोकना शुरू कर दिया। संबंधों में बाधक बनने पर दोनों ने सुखवीर की हत्या की योजना बना डाली। सुखवीर अलीगढ़ के दीनापुर में निर्माणाधीन मकान में रहने लगा। घनश्याम ने मीरा को नया मोबाइल दिया और घनश्याम को मौका पाकर गोली मार कर हत्या कर दी। एसएसपी ने बताया कि मीरा व घनश्याम को अतरौली में अवंतीबाई चौराहे से गिरफ्तार किया। इनसे हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, दो कारतूस और मोबाइल बरामद हुआ है।