अलीगढ़

सरकारी अस्पताल का इससे बुरा हाल आपने शायद ही कहीं देखा हो

अलीगढ़ के जिला अस्पताल का हाल देख आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। यहां न दवा है, न बेड पर चादर, न देखरेख करने वाला कर्मचारी। बदबू के कारण वार्ड में घुसना भी मुश्किल है।

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Sep 08, 2018
patients

अलीगढ़। जिले का जिला मलखान सिंह चिकित्सालय जहां प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट गरीबों के उपचार के लिए व रखरखाव के लिए आता है, वहां किस तरह इलाज किया जाता है, इसकी बानगी जब आप आंखों से देखेंगे तो आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। ये कहना है मानव उपकार संस्था के कुछ समाजसेवियों का।

मानव उपकार संस्था के कुछ समाजसेवी जब इस अस्पताल में पहुंचे तो जो तस्वीर सामने आयी उससे उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। इलाज के नाम पर अस्पताल में न दवा है, न चढ़ाने के लिए बोतल है न मरीज के पहनने के लिए कपड़े हैं, न मरीज की देखरेख के लिए कोई कर्मचारी है, न बेड पर चादर है और न ही साफ सफाई है।। मानव उपकार संस्था के समाजसेवियों के मुताबिक ये हालात हैं जिला मलखान सिंह अस्पताल के वार्ड नम्बर पांच के। ये वार्ड कहने को तो बर्न वार्ड है, लेकिन अस्पताल में जो भी मरीज यहां इलाज कराने आता है, उसे बगैर सोचे समझे बर्न वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। इन हालातों में पहले से बीमार मरीज ठीक होने के बजाय और बेहाल हो जाता है।

दरअसल संस्था के कुछ समाजसेवी एक बेसहारा महिला को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए गए थे। इस दौरान जब उन्होंने वार्ड की दुर्दशा देखी तो हैरान रह गए। संस्था की महिला पदाधिकारी बदबू के कारण अंदर भी नहीं जा सकी। वार्ड के अंदर न किसी मरीज के बेड पर चादर थी, न उनकी देखरेख करने के लिए कोई अटेंडेंट। एक बुजुर्ग तो जमीन पर बिना कपड़ों के पड़ा हुआ था, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।

ये नजारा देखकर संस्था के अध्यक्ष विष्णु कुमार ने अस्पताल के सीएमएस से फोन पर बात की और सारा हाल बताया। तब उन्होंने को स्टाफ की एक नर्स को सफाई कराने के लिए कहा। वार्ड की हालत ऐसी थी कि सफाई कर्मचारी को भी मुंह को कपड़े से बांधकर सफाई करनी पड़ी।

Published on:
08 Sept 2018 11:18 am
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