अलीराजपुर

MBBS छात्रा की मौत: बाथरूम में मिला था शव, परिवार ने की ये मांग

MBBS Student Death: भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा रोशनी कनेश की संदिग्ध मौत को लेकर आदिवासी सामाजिक संगठनों ने बस स्टैंड चौराहे पर प्रदर्शन किया।
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MBBS student death in bhopal
MBBS student death in bhopal ( Source: patrika)

MBBS Student Death: भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा रोशनी कनेश की संदिग्ध मौत को लेकर बुधवार को आदिवासी सामाजिक संगठनों और छात्राओं ने बस स्टैंड चौराहे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन एसडीओपी अश्वनी कुमार को सौंपते हुए मामले की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए संगठनों ने कहा कि रोशनी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में उस निजी हॉस्टल की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, जहां छात्रा रह रही थी।

सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का आरोप

संगठनों ने आरोप लगाया कि संबंधित हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि सीसीटीवी की हार्ड डिस्क तत्काल जब्त कर फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि कथित रूप से हटाए गए फुटेज को रिकवर किया जा सके और घटना की सच्चाई सामने आ सके।

मौत के कारण पर उठे सवाल

प्रशासन की ओर से प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण एसिड सेवन बताया जा रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इस पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल से कथित एसिड की बोतल बरामद नहीं होना संदेह पैदा करता है। शरीर पर एसिड सेवन के सामान्य लक्षणों को लेकर भी प्रश्न खड़े किए गए हैं।

सीबीआइ जांच की मांग

आंदोलनकारियों ने घटना और परिजनों को सूचना देने के बीच कथित देरी पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बढ़ जाती है। संगठनों ने मामले की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। रोशनी के दादा उदयसिंह कनेश और पिता वंतरसिंह कनेश ने भी पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग की है। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासी बेटी को न्याय नहीं मिला तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

एसआईटी का गठन

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्णय लिया। छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच के लिए एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।

Updated on:
19 Feb 2026 09:27 am
Published on:
19 Feb 2026 09:26 am