अब प्रमाण पत्र बनवाने में करनी पड़ेगी मशक्त
आलीराजपुर, कोरोना संक्रमण से मरने वाले के पीड़ित परिवारों को सरकार आर्थिक मदद देकर मरहम लगा रही है। सरकार ने पहले अनुग्रह राशि एक लाख देने की घोषणा की। इसके बावजूद इसके नियम बनते -बनते अनुग्रह राशि पचास हजार में बदल गई।
अनुग्रह के लिए सरकार ने जो गाइड लाइन तय की है। इसमें कई पीड़ित परिवार बाहर हो रे है। इनमें सबसे अधिक वह परिवार शामिल है जिनका पहले कोरोना में इलाज हुआ कोविड प्रोटोकॉल अंतिम संस्कार से महरुम रखा है। इसके बाद अब कोरोना पॉजटिव का आकड़ा कम करने मदद देने से इंकार कर रहे। इन नियमों के फेर उन्हें अनुग्रह राशि नहीं मिल रही है। वहीं कई ऐसे परिवार है कि वह अब अनुकंपा नियुक्त के लिए भटक रहे है। वहीं अनगुह राशि में कटौती से लोगों में आक्रोश है।
गुजरात सीमा से लगे झाबुआ 86 मौतें कोरोना से हुई है। वहीं आलीराजपुर 56 लोग कोरोना संक्रमण से अपनी जिदंगी हार गए है। इन सभी के पीड़ित परिवार के बारिशों को पचास हजार रुपए की अनुग्रह राशि दी जा रही है। जबकि मुख्य मंत्री ने स्वयं कोरोना संक्रमण के मरने वाले आश्रित को एक -एक लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने घोषणा की थी। लेकिन घोषण के बाद अब सिर्फ पचास हजार रुपए ही अनुग्रह राशि मिल रही है। कोरोना से पीड़ित परिवार से मदद को काफी कम मान रहे है।
दरअसल कोरोना संक्रमण में लोगों ने अपनों के इलाज के लिए लाखों रुपए खर्च कर दिए है। बावजूद वह जिदंगी नहीं बचा सके है। वर्तमान में वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के लिए यह मदद बहुत है। पीड़ित परिजन सरकार से वादा निभाने की मांग कर रहे है। कोरोन अनुग्रह राशि के लोगों जिला आपदा प्रबंधन समिति के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा।