अलवर. जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों में झाडू लगानी हो या पानी पिलाना हो। यह सब कार्य विद्यार्थियों के जिम्मे ही हैं। क्योंकि विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी है। जिले के 2800 विद्यालयों में चतुर्थ कर्मचारियों के 1329 पद हैं, इनमें से 319 पद भरे हैं, बाकी 1010 पद रिक्त हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल में घंटी बजाने के लिए कोई नहीं है। सरकार की ओर से इन पदों पर नियुक्ति को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
अध्यापक और विद्यार्थी निभा रहे जिम्मेदारी : सरकारी विद्यालयों में कक्षा के बदलाव के लिए घंटी बजाने, पानी पिलाने और स्कूल खोलने के लिए कोई कर्मचारी नहीं है। ऐसी स्थिति में स्कूल खोलने के लिए अध्यापक या विद्यार्थी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
पद कर दिए समाप्त : शिक्षा विभाग के हर स्कूल में पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद थे। सरकार की ओर से पहले प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यह पद समाप्त किया गया। साथ ही विद्यालयों के क्रमोन्नत होने पर इन कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई। वर्तमान में प्रत्येक उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो-दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में पद रिक्त हैं।
अपने स्तर पर रख सकते हैं कर्मचारी
विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद खाली होने की स्थिति में विद्यालय इंचार्ज समिति अपने स्तर पर कर्मचारी रख सकती हैं और अपने अनुसार ही उनको वेतन दे सकती हैं।
- नेकीराम, जिला शिक्षा अधिकारी