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Alwar: मिड-डे मील में बड़ी लापरवाही, दाल में मरा चूहा मिलने से मचा हड़कंप, 120 नौनिहाल भूखे लौटे

Mid-day Meal Negligence: अलवर जिले में ग्राम पंचायत अलावड़ा के नंगली गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सोमवार को एनजीओ की ओर से भेजी गई दाल में मरा चूहा मिलने का मामला सामने आने पर हड़कंप मच गया।

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सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

Mid-day Meal Negligence: अलवर जिले में ग्राम पंचायत अलावड़ा के नंगली गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सोमवार को एनजीओ की ओर से भेजी गई दाल में मरा चूहा मिलने का मामला सामने आने पर हड़कंप मच गया।
मिड डे मील में भोजन विद्यालय में 120 बच्चों को वितरित किया जाना था। भोजन वितरण रोके जाने से स्कूल से बच्चे भूखे ही घर लौट गए। इधर अभिभावकों ने मांग की है कि दोषी एनजीओ को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा भोजन वितरण से पहले स्कूल स्तर पर जांच की अनिवार्य व्यवस्था की जाए।

यह है पूरा घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार भोजन वितरण के लिए जैसे ही रसोइयों ने दाल का बर्तन खोला, उसमें मरा हुआ चूहा दिखाई दिया। इसके बाद तुरंत भोजन वितरण रोक दिया गया, जिससे करीब 120 से अधिक बच्चों की थाली तक यह भोजन नहीं पहुंच सका। विद्यालय स्टाफ ने तत्काल दाल के बर्तन को अलग कर वीडियो व फोटो भी बनाए। इस घटना से पूरे विद्यालय में आक्रोश का माहौल बन गया।

बड़ा हादसा टला

मामले में प्रधानाध्यापक कुंदन लाल मीणा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे अभिभावकों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह लापरवाही समय पर नहीं पकड़ी जाती तो गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर गहरी चिंता जताई है और एनजीओ की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

दूध को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति लागू

राज्य सरकार ने मिड डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले दूध को लेकर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी है। किसी भी स्कूल में एक्सपायरी, मिलावटी या घटिया गुणवत्ता का दूध मिलने पर सीधे एफआइआर, सप्लायर की ब्लैकलिस्टिंग और अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई होगी।

आयुक्तालय, मिड डे मील योजना ने जिलों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब हर खेप के दूध की मात्रा, गुणवत्ता और पैकिंग की मौके पर जांच अनिवार्य होगी। संदेह की स्थिति में दूध का लैब टेस्ट कराया जाएगा और रिपोर्ट आने तक वितरण रोका जाएगा।

रिपोर्ट मांगी है

मामले में चूक कहां हुई इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रधानाध्यापक से मांगी गई है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
सतपाल सिंह, पीईओ

कार्रवाई की जाएगी

रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद एनजीओ के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विश्राम गोस्वामी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी