अलवर

10 यूनिपोल लगाने के लिए 5 साल में देने होंगे 45 लाख रुपए, टेंडर आज

अलवर नगर निगम ने 10 यूनिपोल पर विज्ञापन प्रकाशन के लिए करीब 45 लाख रुपए के टेंडर किए हैं। यह टेंडर शनिवार को खुलने जा रहा है। टेंडर की राशि में 30 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी करने पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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Jan 31, 2026
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अलवर नगर निगम ने 10 यूनिपोल पर विज्ञापन प्रकाशन के लिए करीब 45 लाख रुपए के टेंडर किए हैं। यह टेंडर शनिवार को खुलने जा रहा है। टेंडर की राशि में 30 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी करने पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि टेंडर की राशि बढ़ाने के पीछे नगर निगम की मंशा कुछ और है। राशि अधिक होने से फर्में हिस्सा नहीं ले सकेंगी और फिर अवैध रूप से होर्डिंग लगेंगे, जिससे निगम की आमदनी अधिक होती है।

नगर निगम ने शहर के नंगली सर्किल, बिजलीघर चौराहा, भगत सिंह सर्किल, अग्रसेन सर्किल पुलिया के दोनों ओर, कर्मचारी मोहल्ले के पास, मन्नी का बड़ के पास, काली मोरी फाटक व एनईबी चौराहे के पास 10 यूनिपोल के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं, जिसकी राशि 45.79 लाख रुपए रखी गई है। इसके अलावा जीएसटी की राशि भी देनी होगी। इन यूनिपोल पर 30 बाय 15 साइज के विज्ञापन लगाए जा सकेंगे। निगम ने 20 बिंदुओं से अधिक शर्तें टेंडर के साथ लगाई हैं।

दो साल पहले 30 फीसदी घटाई थीं दरें

नगर निगम ने दो साल पहले होर्डिंग, बैनर आदि का ठेका करीब 4 करोड़ में करने के लिए सूचना प्रकाशित की, लेकिन दो बार टेंडर लगाने के बाद भी कोई नहीं आया। आखिर में नगर निगम बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि राशि में 40 फीसदी तक की कटौती की जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और दो साल तक अवैध होर्डिंग लगाए जाते रहे। कई बार मुद्दा निवर्तमान पार्षदों से लेकर जनता ने उठाया। ऐसे में 10 यूनिपोल के टेंडर में भी यही खेल होने की संभावना है।

70 यूनिपोल का टेंडर 1.42 करोड़ में

नगर निगम ने कुछ समय पहले 70 यूनिपोल का टेंडर 1.42 करोड़ में किया था। इस राशि को जानकार सही मान रहे हैं और निगम के अधिकारी इन्हीं दरों को देखते हुए 10 यूनिपोल का टेंडर लगाने की बात कह रहे हैं। नगर निगम के एक अधिकारी का कहना है कि 70 यूनिपोल की दरों को देखते हुए ही राशि बढ़ाई गई है। यह टेंडर पांच साल के लिए है।

यूनिपोल की राशि अलवर जैसे शहर में इतनी अधिक बढ़ाना समझ से परे है। राशि अधिक होने से संबंधित फर्में भाग नहीं ले पाएंगी। इतनी रकम अदा करना हर किसी के बस में नहीं है। ऐसे में यह टेंडर होना मुश्किल है। टेंडर नहीं होने से अवैध रूप से होर्डिंग लगने की संभावना रहेगी, जिसके बदले खेल हो सकते हैं। ऐसे में निगम को इस टेंडर को वापस लेते हुए इनकी दरें कम करनी चाहिए या फिर 10 यूनिपोल की अलग-अलग राशि घटाते हुए टेंडर करने चाहिए - चंदन शर्मा, रिटायर्ड इंजीनियर, यूआइटी

दो माह पहले किए गए यूनिपोल के टेंडर के जरिए, जो बेस दरें निकलकर आई हैं, उसी आधार पर 10 यूनिपोल की दरें तय हुई हैं - सोहन सिंह नरूका, आयुक्त, नगर निगम

Published on:
31 Jan 2026 12:23 pm
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