
अलवर। अलवर के महिला थाना पुलिस ने 7 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने के प्रयास मामले में फरार आरोपी सुनील धोबी को गिरफ्तार किया है। थाना अधिकारी सुरेंद्र कृष्णिया ने बताया कि धोबी घट्टा निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 7 साल की बेटी दुकान से सामान लेकर अपने घर लौट रही थी। इस दौरान सुनील पुत्र पूरण धोबी जबरदस्ती बालिका को पकड़कर एक कारखाने में ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने टीम बनाई और मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसके बाद आरोपी सुनील को इस मामले में गिरफ्तार किया है। शनिवार को उसे अलवर के सामान्य चिकित्सालय में मेडिकल के लिए लाया गया।
ट्रेन लूटने वाला गिरोह गिरफ्तार
अलवर के जीआरपी थाना पुलिस ने ट्रेन में लूटपाट करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह आए दिन ट्रेनों में यात्रियों से लूटपाट किया करते थे, जिनको जीआरपी पुलिस ने अलवर स्टेशन पर जयपुर हिसार एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया है। जीआरपी पुलिस ने आज इनका सामान्य चिकित्सालय में मेडिकल कराया है। उसके बाद इस गिरोह को अजमेर रेलवे कोर्ट में पेश किया जाएगा। जीआरपी थाना हैडकांस्टेबल अशोक ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि जयपुर हिसार ट्रेन में दो युवक विक्रम ओर सलामुद्दीन ने एक यात्री के बैग को पार कर लिया और फरार हो गए। इस सूचना पर नाकाबंदी की गई और दोनों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से बैग बरामद कर लिया है। पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि गिरोह बनाकर ट्रेनों में चोरी और लूटपाट करते हैं और माल लेकर फरार हो जाते हैं।
दूसरी ओर शहर में पिछले कुछ महीनों से लगातार महिलाओं के गले से चेन स्नेचिंग की वारदातें हो रही हैं। भिवाड़ी थाना पुलिस ने पिछले दिनों अंतरराज्यीय गिरोह के चार जनों को गिरफ्तार कर चेन स्नेचिंग की 28 वारदातों का खुलासा किया था जिनमें से करीब 10 चेन स्नेचिंग की वारदात अकेले शहर कोतवाली थाना क्षेत्र की थी। कोतवाली थाना पुलिस के जांच अधिकारी की लापरवाही से गिरोह का मास्टर माइंड आबिद पुलिस चंगुल से बच निकला और अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदातें कर रहा है।
पुलिस को संदेह है कि पिछले दिनों आबिद ने ही एनईबी थाना क्षेत्र में दो चेन लूट की वारदातों का अंजाम दिया। पड़ताल में सामने आया कि बदमाश अपाची बाइक से शहर में आते हैं। यहां किराए पर रहने वाले अपने दोस्तों के पास जाते हैं। उनकी दूसरी बाइक लेकर शहर में चेन स्नेचिंग की वारदात करते हैं और उसके बाद वापस अपने दोस्तों के कमरे पर चले जाते हैं। कुछ घंटों बाद पुलिस की नाकेबंदी ठण्डी पडऩे के बाद अपनी बाइक उठाकर रवाना हो जाते हैं।