वित्तीय वर्ष 2025-26 के पांच दिन शेष रह गए हैं। लेकिन 5454 भार वाहनों में से 1788 ने अभी तक 2026-27 का टैक्स जमा नहीं कराया है। विभाग के पास 3666 वाहनों का टैक्स जमा हुआ है।
अलवर. वित्तीय वर्ष 2025-26 के पांच दिन शेष रह गए हैं। लेकिन 5454 भार वाहनों में से 1788 ने अभी तक 2026-27 का टैक्स जमा नहीं कराया है। विभाग के पास 3666 वाहनों का टैक्स जमा हुआ है। ऐसे में शेष पांच दिनों में विभाग की ओर से अभियान में तेजी लाकर इस टैक्स को जमा कराने का प्रयास किया जाएगा।
जिला परिवहन अधिकारी सविता भारद्वाज ने बताया कि 15 मार्च के बाद से इस कर पर 1.5 प्रतिशत पेनल्टी वसूल की जा रही है। 31 मार्च के बाद यह जुर्माना 3 प्रतिशत वसूल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिसम्बर 2025 तक लगभग 27000 चालान लम्बित है, जिनसे लगभग 16 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त हो सकता है। इसके अतिरिक्त पिछले वर्षों का बकाया कर जमा नहीं करवाने वाले 304 भार वाहनों पर लगभग 2.70 करोड़ व 40 यात्री वाहनों पर लगभग 35 लाख रुपए कर बकाया है। विभाग प्रयास कर रहा है कि यह पैसा समय रहते उनके खाते में आए ताकि सरकार की ओर से तय लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
ई-रवन्ना प्रकरणों के 40 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया
उन्होंने बताया कि खनिज विभाग से प्राप्त ओवरलोड ई-रवन्ना प्रकरणों के अन्तर्गत 8092 वाहनों से 40.17 करोड़ राशि बकाया है। इन वाहनों के स्वामियों को आइटीएमएस पोर्टल द्वारा नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया गया था। यह समयावधि समाप्त होते ही पोर्टल द्वारा स्वतः ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। इसकी सूचना वाहन स्वामी के रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर प्रेषित की जा रही है। आइटीएमएस पोर्टल द्वारा जारी ई-रवन्ना ओवरलोड चालानों वाले 1344 वाहनों से 1.04 करोड़ राशि बकाया है। सरकार द्वारा ई-रवन्ना प्रकरणों पर देय जुर्माना राशि में एमनेस्टी योजना अंतर्गत छूट प्रदान की गई है। जुर्माना राशि जमा नहीं करवाने पर वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र निलम्बन की कार्रवाई की जाएगी।
अब तक यह हुई कार्रवाई
परिवहन विभाग ने अब तक 18 बसों के चालान बनाकर इन्हें सील किया गया तथा 93 भार वाहनों के चालान बनाकर 54 भार वाहन भी सीज किए गए है। इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों में बिना कर जमा संचालित पाए गए 18 क्रेन/फॉर्क लिपट इत्यादि वाहन भी सील किए गए हैं। विभाग ने सभी बकायादारों को समय पर कर जमा कराने के लिए कहा है।