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अलवर की 22 और खानें हो सकती हैं बंद, सरिस्का से 1 से 10 किमी के दायरे में हो रहा है संचालन

सरिस्का टाइगर रिजर्व सेंचुरी से 1 से 10 किमी के दायरे में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की मंजूरी के बिना चल रही 22 खानें बंद हो सकती हैं। इसे लेकर खान विभाग ने डीएमजी उदयपुर को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।

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अलवर

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Umesh Sharma

Mar 27, 2026

अलवर. सरिस्का टाइगर रिजर्व सेंचुरी से 1 से 10 किमी के दायरे में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की मंजूरी के बिना चल रही 22 खानें बंद हो सकती हैं। इसे लेकर खान विभाग ने डीएमजी उदयपुर को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।

झिरी व टहला में यह खानें संचालित हैं। खान विभाग के मुताबिक 12 से 14 खानें सरिस्का सेंचुरी से 1 से 10 किमी के दायरे में आ रही हैं और उनके पास एनबीडब्ल्यूएल की एनओसी नहीं है। वहीं, एक्सपर्ट ऐसी खानों की संख्या करीब 22 बता रहे हैं। इन खानों पर एक्शन काफी समय पहले लेना था, लेकिन खान विभाग व सरिस्का प्रशासन की मेहरबानी से इन पर कार्रवाई नहीं हो पाई। गौरतलब है कि सरिस्का में वन्यजीवों को हो रहे नुकसान के चलते सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कई खानों को बंद किया गया है। हालांकि खनन से ही अलवर का उद्योग चल रहा है। खानों के बंद होने से कई उद्योग अन्य शहरों में स्थानांतरित हो चुके हैं। उद्योगपति गुहार लगा चुके हैं कि खानों को खोला जाए ताकि उद्योग पटरी पर आ सकें

इन आदेशों के तहत होगा एक्शन

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 3 जुलाई, 2013 को देश के सभी मुख्य सचिवों को एक आदेश जारी किए थे, जिसमें लिखा था कि सेंचुरी से 1 से 10 किमी के दायरे में बिना एनबीडब्ल्यूएल की एनओसी के खनन आदि गतिविधियां नहीं हो सकती हैं। इसी तरह 17 मई, 2022 को भी इसी मंत्रालय ने ईएसजेड से लेकर सेंचुरी के 1 से 10 किमी के दायरे में चलने वाली गतिविधियों को लेकर सीधे निर्देश दिए हैं। कहा है कि जिन सेंचुरी का ईएसजेड नहीं बना है, वहां सेंचुरी से 1 से 10 किमी के दायरे में बिना एनबीडब्ल्यूएल खनन नहीं हो सकता।

सेंचुरी से 1 से 10 किमी के दायरे में खानों को लेकर खान विभाग अलवर ने मार्गदर्शन डीएमजी उदयपुर से मांगा गया है। वही इस मामले में अब आगे की कार्रवाई के आदेश देंगे। इसका प्रस्ताव मेरे पास नहीं आया।-एनएस शक्तावत, एसएमई, खान विभाग जयपुर

हमारे पास जो भी ऑनलाइन आवेदन आते हैं, उसके आधार पर हम खानों से दूरी का आकलन करके संबंधित विभागों को भेज देते हैं। झिरी की कितनी खानों की दूरी का आकलन किया, यह नंबर याद नहीं।- ओपी शर्मा, डीएफओ वाइल्ड लाइफ जयपुर