अलवर

वायु प्रदूषण की मार, उद्योग नगरी लाचार

जानलेवा स्तर तक पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स
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Nov 04, 2019
वायु प्रदूषण की मार, उद्योग नगरी लाचार
वायु प्रदूषण की मार, उद्योग नगरी लाचार

अलवर/भिवाड़ी. पंजाब और हरियाणा के किसानों की ओर से खेतों में पराली जलाने और दो दिन से सूर्यदेव के नहीं चमकने से भिवाड़ी सहित समूचे क्षेत्र में असामान्य मौसम से वाशिंदों का जीना दूभर हो गया है। कोयले और डीजल आदि से चलने वाली करीब २५० कंपनियां ५ नवंबर को प्रात: काल तक बंद करने के बावजूद वायु प्रदूषण का स्तर जानलेवा बना हुआ है।
रविवार को लगातार दूसरे दिन भी भिवाड़ी में दिनभर सड़क पर श्वास लेना दुष्कर रहा। अस्थमा के रोगियों की तो जान पर बनी रही, वहीं सामान्य स्वस्थ व्यक्ति भी असामान्य नजर आए। हालांकि वायु प्रदूषण का स्तर शनिवार से थोड़ा कम रहा। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक गोयल ने बताया कि रविवार सायं ५.३० बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स और पीएम-१० का स्तर ४२९ पर था, जो कि बहुत खराब और बहुत खतरनाक स्तर माना जाता है। वहीं २.५ स्तर ४०५ पर पहुंच गया। गौरतलब है कि ऐसे वातावरण में सामान्य स्वस्थ व्यक्ति भी आंखों में जलन, श्वसन में दिक्कत और खांसी सहित अन्य शिकायतें महसूस कर असामान्य हो जाता है।
कोहरे ने बढ़ाई वाहन चालकों की परेशानी : भिवाड़ी. रविवार को दूसरे दिन भी सुबह से ही बादल छाए रहे और कोहरे एवं वायु प्रदूषण से सड़क पर दृश्यता बहुत कम रही। दोपहर तक यही माहौल रहा। कोहरा छाने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई। दोपहिया वाहन चालकों ने बताया कि प्रदूषित स्मॉग से उनकी आंखों में जलन व शरीर पर खुजली की शिकायत हो रही है। सड़क पर दृश्यता भी काफी कम हो गई। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारों ने बताया कि संभवत: तेज हवाओं के कारण पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने से उठा धुआं उद्योग नगरी क्षेत्र तक पहुंच रहा है। प्रदूषित वातावरण को देखते हुए हेल्पिंग फे्रंड्स के नूतन गुप्ता ने लोगों से पर्यावरण बचाने के लिए कचरे को ना जलाने व पेड़-पौधे अधिक लगाने का अनुरोध किया है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स
0 से 50 तक सबसे अच्छा
51 से 100 संतोषजनक
101 से 200 मध्यम स्तर
201 से 300 खराब
301 से 400 बहुत खराब
401 से 500 बहुत खतरनाक

Published on:
04 Nov 2019 06:00 am