राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व से सटे ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की दस्तक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व से सटे ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की दस्तक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला गोलाकाबास क्षेत्र के अजबगढ़ वन रेंज के अंतर्गत आने वाले रायवाला गांव का है, जहां रविवार देर रात एक मगरमच्छ के गांव में घुस आने से हड़कंप मच गया। आबादी क्षेत्र में मगरमच्छ को देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
जानकारी के अनुसार घटना रात्रि करीब ग्यारह बजे की है जब गांव के बाहरी हिस्से में स्थित रिहायशी इलाके में अचानक एक मगरमच्छ रेंगता हुआ दिखाई दिया। सन्नाटे के बीच मगरमच्छ की आहट ने ग्रामीणों को चौंका दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत सतर्कता बरती और इसकी सूचना मोबाइल के जरिए अजबगढ़ वन रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी चंद्रप्रकाश मीना को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन अधिकारी चंद्रप्रकाश मीना ने बिना समय गंवाए एक विशेष रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। वन विभाग की टीम जब रायवाला गांव पहुंची, तो वहां मगरमच्छ को देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। टॉर्च की रोशनी में टीम ने मगरमच्छ की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों को वहां से हटाया।
वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से काबू में किया। रेस्क्यू टीम में यादराम गुर्जर, पांचूराम चौधरी और लालाराम मीणा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस बचाव कार्य में टीम का सहयोग किया। सफलता पूर्वक पकड़ने के बाद मगरमच्छ को अजबगढ़ रेंज के गहरे जंगल में स्थित एक वाटर पॉइंट पर सुरक्षित छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि रायवाला और आसपास का यह पूरा क्षेत्र सरिस्का अभयारण्य की सीमाओं से जुड़ा हुआ है। घने जंगलों से घिरे होने के कारण यहां अक्सर पैंथर, मगरमच्छ और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे रात के समय सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें।