अलवर

Alwar News: 3 महीने बाद अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां पहुंचीं घर, नम आंखों से हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई

अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने से लापता हुए अलवर जिले के अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां तीन महीने बाद मिलीं। अंतिम विदाई देने हजारों लोग पहुंचे। 14 अगस्त को हादसे में वे लापता हो गए थे।
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Updated: 5 Nov 2026, 1:29 PM IST
अग्निवीर समुद्र गुर्जर
फाइल फोटो- अग्निवीर समुद्र गुर्जर

Agniveer Samudra Gurjar Last Rites: अलवर: अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में करीब ढाई महीने पहले बादल फटने और भूस्खलन की घटना में लापता हुए अलवर जिले के अग्निवीर समुद्र गुर्जर को गुरुवार को उनके पैतृक गांव केसरपुर में अंतिम विदाई दी गई। करीब तीन महीने बाद उनकी अस्थियां गांव पहुंचीं तो माहौल गमगीन हो गया। अपने वीर बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए केसरपुर सहित आसपास के गांवों से हजारों लोग उमड़ पड़े। हर किसी की आंखें नम थीं।

बता दें कि गुरुवार को अलवर के इटाराणा आर्मी कैंप से सेना के राजकीय सम्मान के साथ समुद्र की अस्थियों को पैतृक गांव ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। रैली में बड़ी संख्या में युवा तिरंगा लेकर शामिल हुए। इस दौरान भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से रास्ता गूंज उठा। जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

जेसीबी से बरसाए फूल, गांव में उमड़ा जनसैलाब

अग्निवीर समुद्र गुर्जर के सम्मान में केसरपुर गांव में विशेष तैयारियां की गई थीं। गांव के मुख्य स्टैंड पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा एकत्रित हुए। यहां जेसीबी मशीन के जरिए अस्थियां लेकर आ रही रैली पर फूल बरसाकर सम्मान दिया गया। गांव में हर तरफ समुद्र को अंतिम विदाई देने के लिए लोग मौजूद रहे। इस दौरान पूरा माहौल भावुक हो गया और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।

पिता को सौंपा तिरंगा, मां और पत्नी भी हुईं भावुक

राजकीय सम्मान के साथ सबसे पहले पिता बदली गुर्जर ने अपने बेटे को अंतिम विदाई दी। इसके बाद मां और पत्नी ने भी नम आंखों से समुद्र को श्रद्धांजलि दी। सेना के जवानों ने समुद्र के पिता को तिरंगा और अस्थियां सौंपीं। अस्थियां गांव पहुंचते ही समुद्र की बहनें भी भावुक हो उठीं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

परिवार का इकलौता बेटा था समुद्र

समुद्र गुर्जर अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह गांव का होनहार युवा था। उसकी मौत की खबर से परिवार के साथ पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। करीब ढाई महीने तक लापता रहने के बाद 3 नवंबर को डीएनए टेस्ट के जरिए उनके पार्थिव शरीर की पहचान हुई थी। इसके बाद परिजन अरुणाचल प्रदेश पहुंचे और 3 नवंबर को वहीं उनका अंतिम संस्कार किया। अब उनकी अस्थियां पैतृक गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। सेना के सम्मान, तिरंगे और देशभक्ति के नारों के बीच केसरपुर गांव का हर व्यक्ति समुद्र की स्मृतियों को संजोए भावुक नजर आया।

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5 Nov 2026, 1:29 PM IST
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