रोक के बाद भी खोदी सडक़, यूआईटी के अधिकारियों ने बुध विहार में काम रुकवाया
अलवर. जिला कलक्टर के आदेशों के बावजूद बारिश में भी सडक़ों को तोडऩे का काम बदस्तूर जारी है। पिछले करीब 15 दिनों में अकेले बुध विहार क्षेत्र में पहुंचकर यूआईटी की टीम ने काम रुकवाया है। पानी की लाइन डालने वाली कम्पनी और जल दाय विभाग के अधिकारियों को जिला कलक्टर के आदेशों की परवाह नहीं है।
जिला कलक्टर प्रकाशराज पुरोहित ने पिछली बैठक में अधिकारियों को साफ आदेश दिए हैं कि बारिश के मौसम में सडक़ों को नहीं तोड़ा जाए। ताकि किसी तरह की दुर्घटना नहीं हो। यूआईटी व जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी आदेश दिए हैं। फिर भी शहर में पानी की लाइन डालने वाली कम्पनी के जरिए हो रहे काम में मनमर्जी हो रही है। इस समय भी जगह-जगह पानी की लाइन डालने के सडक़ को तोडऩे में लगे हैं। अधिक बारिश हो गई तो खुदी सडक़ नजर नहीं आएगी। जिसमें वाहनों के गिरने से दुर्घटना होने का बड़ा डर रहेगा।
दूसरी बार काम रुकवाया :
शहर के बुध विहार में दूसरी बार यूआईटी के अधिकारियों ने पहुंचकर काम को रुकवाया है। यूआईटी के एक्सईएन तैयब खान ने बताया कि पिछली बार मुख्य रोड को काटने का काम हो रहा था। जिसे रुकवाया गया। इस बार फिर बुध विहार में सडक़ के किनारे खुदाई करके लाइन डालने का काम होता मिला। जिसे तु्ररंत रुकवाकर अधिकारियों को रिपोर्ट कर दी है। बार-बार काम रुकवाने के बावजूद मनमर्जी हो रही है।
पहले ही शहर बदहाल:
पहले ही शहर इतना बदहाली हो चुका है कि आमजन का सडक़ों से पैदल निकलना बंद हो गया है। दुपहिया वाहन फिसल रहे हैं। गड्ढे इतने हैं कि रोजाना लोग चोटिल हो रहे हैं। जिनकी सुध नहीं ली जा रही है। नई सडक़ों को तोडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह सब जिम्मेदार अधिकारियों की ढिलाई के कारण हो रहा है।
कलेक्ट्रेट मुख्य सडक़ फुटपाथ बना दलदली
जिला मुख्यालय से निकलते ही मुख्य सडक़ पर खोदे गए गड्ढों में पाइप लाइन डालने के दौरान क्षेत्र में बिछी पेयजल सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उसे दुरस्त किए बिना ही गड्ढ़ों में मिट्टी भर देने से मिट्टी, पानी के रिसाव के कारण दलदली हो गई है। जिसमें आए दिन हादसे हो रहे है। लेकिन विभाग को आमजन की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है।