
अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में जमीन के टुकड़े को लेकर उपजा विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। राजगढ़ के आमकीवाल मोहल्ले में एक प्लॉट पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए और देखते ही देखते दोनों ओर से लाठियां चलने लगीं। इस झगड़े में करीब 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
घटना के संबंध में पहले पक्ष की ओर से सावित्री देवी ने आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले धनपाल के परिवार से एक प्लॉट खरीदा था। सावित्री देवी का कहना है कि सौदा होने और भुगतान करने के बावजूद अब धनपाल का परिवार दोबारा उस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।
आरोप है कि जब खरीदार पक्ष ने प्लॉट के बदले दिए गए पैसे वापस मांगे, तो दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। सावित्री देवी के अनुसार, यह विवाद वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद विपक्षियों ने कानून को ताक पर रखकर मारपीट की। इस हमले में सावित्री के पति लक्ष्मण सैनी को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
वहीं, दूसरी ओर दूसरे पक्ष के धनपाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। धनपाल का कहना है कि उन्होंने प्लॉट जरूर बेचा था, लेकिन विवाद की असली जड़ अतिरिक्त जमीन का अतिक्रमण है। धनपाल के अनुसार खरीदार पक्ष खरीदे गए प्लॉट के अलावा करीब 10 फीट अतिरिक्त जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। जब उनके परिवार ने इस अतिक्रमण का विरोध किया, तो दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडों से उन पर हमला बोल दिया। इस झड़प में धनपाल की पत्नी मंजू, माता लाली देवी और भाई बबलू गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका उपचार जारी है।
घटना के बाद दोनों पक्षों के घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया। राजगढ़ थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन के दस्तावेजों की जांच और घायलों के बयानों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।