राजस्थान के अलवर शहर में स्थित मुख्य डाकघर और उसके परिसर में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मार्च के महीने में यह दूसरी बार है जब परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
राजस्थान के अलवर शहर में स्थित मुख्य डाकघर और उसके परिसर में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मार्च के महीने में यह दूसरी बार है जब परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलने की सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी गई है और एहतियात के तौर पर डाकघर के अंदर मौजूद सभी कर्मचारियों और आम नागरिकों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार यह धमकी ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी, जिसमें भवन को बम से उड़ाने का जिक्र किया गया था। जैसे ही इस ईमेल की सूचना पुलिस को मिली, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। पुलिस टीम ने पूरे पोस्ट ऑफिस भवन के एक-एक कोने और आसपास के संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी अभियान चलाया। काफी समय तक चली इस जांच के दौरान आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। डाकघर में करीब आधा घंटा काम प्रभावित रहा।
ईमेल में लिखा है कि मेडिकल कॉलेज में Dr. अब्दुल मोहम्मद भाई का अपमान, सभी M.K स्टालिन/DMK समर्थकों का है। तमिलनाडु की समस्याओं को आपके पोस्ट/पासपोर्ट कार्यालयों तक लाने के लिए माफ़ी चाहता हूँ, लेकिन तमिलनाडु के पत्रकार उदयनिधि के गुलाम हैं।
गौरतलब है कि इसी महीने 10 मार्च को भी ठीक इसी तरह की धमकी मिली थी, जिसके बाद भी पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। अलवर शहर में सरकारी भवनों को धमकी मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर के मिनी सचिवालय को कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि हर बार की तरह इस बार भी जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। लेकिन बार-बार मिल रही इन फर्जी धमकियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण सरकारी कर्मचारियों और वहां आने वाले आम जनमानस में डर का माहौल व्याप्त है। वर्तमान में पुलिस की साइबर टीम इस ई-मेल के वास्तविक स्रोत और भेजने वाले का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अराजक तत्वों को बेनकाब किया जा सके।