27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खेती और नाच-गाने में रमे विदेशी मेहमान, ग्रामीण जीवन का अनुभव लिया

अकबरपुर. सिलीसेढ़-सरिस्का क्षेत्र में फ्रांस से आए विदेशी पर्यटकों ने स्थानीय किसानों के साथ मिलकर खेतों में गेहूं की फसल निकालने में हाथ बंटाया। यह दृश्य शोदानपुरा गांव सिलीसेढ़ झील के समीप में नेतराम गुर्जर के खेत में देखने को मिला, जहां गेहूं की कटाई और थ्रेसर से अनाज निकालने का काम चल रहा था। […]

less than 1 minute read
Google source verification

अकबरपुर. सिलीसेढ़-सरिस्का क्षेत्र में फ्रांस से आए विदेशी पर्यटकों ने स्थानीय किसानों के साथ मिलकर खेतों में गेहूं की फसल निकालने में हाथ बंटाया। यह दृश्य शोदानपुरा गांव सिलीसेढ़ झील के समीप में नेतराम गुर्जर के खेत में देखने को मिला, जहां गेहूं की कटाई और थ्रेसर से अनाज निकालने का काम चल रहा था। यहां पर्यटक केवल देखने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने खुद खेत में उतरकर गेहूं की पूलियों को थ्रेसर में डालकर अनाज निकालने में मदद की। तेज गर्मी के बावजूद उनकी मेहनत और उत्साह ने सभी ग्रामीणों का दिल जीत लिया। यह अनोखा सांस्कृतिक मिलन न केवल किसानों के लिए खुशी का कारण बना, बल्कि भारत की ग्रामीण संस्कृति और मेहमाननवाजी की खूबसूरत झलक भी पेश की।

इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टर पर लगे मिनी डीजे पर विदेशी मेहमानों को नाचने के लिए आमंत्रित किया। भाषा न समझने के बावजूद वे भारतीय गानों की धुन पर झूमते नजर आए। ग्रामीणों के लिए यह अनुभव यादगार साबित हुआ। ग्रामीण निहाल गुर्जर ने बताया कि विदेशी मेहमानों ने भारत की खेती और ग्रामीण जीवन में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने किसानों से कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी ली और भारतीय कृषि प्रणाली की सराहना की।