अलवर लोकसभा उपचुनावों से पूर्व नेताओं की ओर से बयान बाजी का दौर प्रारंभ हो गया है। अब भाजपा विधायक ने मुसलमानों को लेकर बयान दिया है।
अलवर. लोकसभा उपचुनाव में सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए भाजपा हर संभव कोशिश कर रही है जबकि कांग्रेस सीट छीनकर लोकसभा में अलवर से प्रतिनिधित्व का सपना देख रही है। अब ऐसा लग रहा है कि कुछ लोग वोटों के ध्रूवीकरण के लिए बयान दे रहे हैं। यह पार्टी के स्तर पर सीधा न होकर विधायकों के स्तर पर हो रहा है। अलवर में पहले बीजेपी के विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने गो-तस्करों को जान से मारने वाला बयान दिया था।
अब ज्ञानदेव की देखादेखी अलवर शहर विधायक बनवारी लाल सिंघल ने भी ऐसा ही बयान जारी कर साम्प्रदायिक खटास का काम किया है। जबकि पिछले दो माह से गो-तस्करों की धरपकड़ में तेजी आई है। एक गो-तस्कर पुलिस फायरिंग में मारा गया है। ऐसे में ताजा बयान माहौल खराब करने वाले नजर आ रहे हैं। आईए देखेें बनवारी लाल ने ऐसा क्या कहा है-
बढ़ती आबादी के बाहने
सिंघल ने जो कहा है वह सीधा लिखकर हम साम्प्रदायिक माहौल नहीं बिगाडऩा चाहते हैं। लेकिन उन्होंने लोगों से अपना संदेश फॉवर्ड करने को कहा है। इस संदेश में मुस्लिम आबादी और परिवार की संरचना पर सवाल उठाया है। वहीं 14 दिसम्बर को भी उन्होंने एक जैन संत के अखबार में आए बयान के आधार पर ऐसी ही पोस्ट की थी।
वोटों का गणित और बयानों की राजनीति
अलवर मेवात क्षेत्र में शामिल है। यहां मेव समुदाय कई उपखंडों में अच्छी खासी संख्या है। गो-तस्करी जैसे मामलों के कारण यह क्षेत्र पिछले एक साल से देश भर में कुख्यात रहा है। ऐसे में चुनावों में बयानों की राजनीति के माध्यम से वोटों के धु्रवीकरण का प्रयास नजर आ रहा है। चूंकि बीजेपी केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ है। सांसद महंत चांदनाथ की मौत के कारण अलवर लोकसभा सीट खाली हुई थी। जिस पर अब उपचुनाव हो रहा है। अलवर में उपचुनाव 29 जनवरी को होना है।