
अलवर. विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होने के साथ ही प्रमुख दलों में टिकट को लेकर दावेदारों की दौड़धूप तेज हो गई है। कांग्रेस टिकट के दावेदार पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के निवास फूलबाग की ओर मुडऩे लगे हैं, वहीं भाजपा टिकट के दावेदार ने जयपुर व दिल्ली की राह पकडऩा शुरू कर दिया है। यही कारण है कि जितेन्द्र सिंह के अलवर आते ही फूलबाग टिकट के दावेदारों से अटने लगा है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही कांग्रेस, भाजपा समेत अन्य दलों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में तेजी की उम्मीद जग गई है। यहीं कारण है कि अलवर जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों के दावेदार टिकट के लिए अपने-अपने दलों के कद्दावर नेताओं तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं। वैसे इस बार कांग्रेस व भाजपा की ओर से प्रत्याशी चयन के लिए कई स्तर पर सर्वे व फीड बैक जुटाया गया है, फिर भी दावेदार अपने सम्पर्क के नेताओं के माध्यम से पैनल में नाम जुड़वाने के प्रयास में जुटे हैं।
इसलिए है सिंह पर दावेदारों को भरोसा
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह कांग्रेस के कदावर नेताओं में गिने जाते हैं। लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने एवं पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य होने के साथ ही उड़ीसा के प्रभारी हैं। वहीं पार्टी के नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाने रहे हैं। यही कारण है कि कांग्रेस के प्रदेश नेताओं में सिंह का नाम भी अग्रणी तौर पर गिना जाता है। कांग्रेस की देश व प्रदेश राजनीति में बड़ी भूमिका होने के कारण दावेदारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में अलवर जिला ही नहीं प्रदेश की चुनावी रणनीति में सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है। इस कारण जिले के दावेदारों की उम्मीद पूर्व केन्द्रीय मंत्री सिंह पर टिकी हैं।
भाजपा में नहीं कोई बड़ा नेता, इसलिए जा रहे दिल्ली व जयपुर
भाजपा की राष्ट्रीय व प्रदेश राजनीति में अलवर जिले से कदावर नेता नहीं होने के कारण पार्टी टिकट के दावेदारों को जयपुर व दिल्ली में बड़े नेताओं तक पहुंच बनानी पड़ रही है। हालांकि भाजपा में भी कई दौर के सर्वे हो चुका है, लेकिन दावेदारों की आस जयपुर व दिल्ली में बड़े नेताओं पर टिकी है। इस कारण ज्यादातर नेता बड़े नेताओं से सम्पर्क साध अपना नाम आगे बढ़ाने में जुटे हैं।