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Alwar: इन 9 वार्डों में निर्दलीय बिगाड़ेंगे भाजपा-कांग्रेस का खेल, भाजपा-कांग्रेस की बढ़ी टेंशन 

अलवर नगर निकाय चुनाव में कई वार्डों के चुनावी समीकरण रोचक हो गए हैं। 9 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के सामने निर्दलीय प्रत्याशियों की चुनौती है, जबकि 4 वार्डों में दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधी टक्कर है। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी जीत-हार का गणित बदल सकते हैं।
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alwar nagar nikay election

representative picture (patrika)

अलवर नगर निकाय चुनाव में इस बार कई वार्डों में मुकाबला सामान्य नहीं है। कहीं भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं, तो कहीं निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनावी समीकरण को त्रिकोणीय बना दिया है। 9 वार्ड ऐसे हैं, जहां निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। वहीं 4 वार्डों में मुख्य मुकाबला दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच है।

निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में आने से इन वार्डों में चुनावी मुकाबला ज्यादा दिलचस्प हो गया है। खासतौर पर ऐसे प्रत्याशी, जिनकी अपने इलाके में व्यक्तिगत पहचान या मजबूत स्थानीय पकड़ है, वे भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी अपने ही दल के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।

9 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला

वार्ड 5, 13, 15, 22, 28, 29, 43, 51 और 52 में मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। इन वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं। ऐसे में चुनाव का नतीजा इस बात पर काफी हद तक निर्भर करेगा कि निर्दलीय प्रत्याशी किस पार्टी के वोट बैंक को ज्यादा प्रभावित करते हैं।

इन वार्डों में बागी प्रत्याशियों की भूमिका भी अहम हो सकती है। अगर किसी पार्टी के नाराज कार्यकर्ता या समर्थक निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में जाते हैं, तो इसका सीधा असर अधिकृत प्रत्याशी के वोटों पर पड़ सकता है।

4 वार्डों में सीधी टक्कर

वार्ड 6, 7, 48 और 60 में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच आमने-सामने का मुकाबला है। इन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम होने से चुनावी लड़ाई सीधे तौर पर दोनों प्रमुख दलों के बीच दिखाई दे रही है। यहां प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़, पार्टी का वोट बैंक और स्थानीय मुद्दे नतीजे में अहम भूमिका निभा सकते हैं।


वार्ड 42 में सबसे ज्यादा 12 प्रत्याशी

चुनाव में कुछ वार्ड ऐसे भी हैं, जहां प्रत्याशियों की संख्या काफी अधिक है। वार्ड 11 में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड 42 में सबसे ज्यादा 12 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। ज्यादा प्रत्याशियों के कारण वोटों का बंटवारा होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

कुल मिलाकर अलवर नगर निकाय चुनाव में इन वार्डों के नतीजे खास नजर रखेंगे। कहीं सीधी टक्कर तो कहीं त्रिकोणीय मुकाबले में किसका वोट बंटता है और कौन अपने समर्थकों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने में सफल रहता है, यह जीत-हार तय करने वाला बड़ा फैक्टर होगा।

चुनावी तस्वीर एक नजर में

त्रिकोणीय मुकाबला: वार्ड 5, 13, 15, 22, 28, 29, 43, 51 और 52
आमने-सामने मुकाबला: वार्ड 6, 7, 48 और 60
वार्ड 11: 11 प्रत्याशी
वार्ड 42: 12 प्रत्याशी