अलवर

लॉक डाउन की गर्मी में बढ़ रहा डिप्रेशन!

अलवर. लॉक डाउन की गर्मी में लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। आर्थिक तंगी, घरेलू कलह और मानसिक तनाव उन पर हावी हो रहा है। इससे छुटकारा पाने के लिए अपनी जीवनलीला तक समाप्त कर रहे हैं।

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Jun 21, 2020
लॉक डाउन की गर्मी में बढ़ रहा डिप्रेशन!



अलवर. लॉक डाउन की गर्मी में लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। आर्थिक तंगी, घरेलू कलह और मानसिक तनाव उन पर हावी हो रहा है। इससे छुटकारा पाने के लिए अपनी जीवनलीला तक समाप्त कर रहे हैं। अलवर जिले की बात करें तो यहां विगत दो माह अप्रेल और मई में 53 लोगों ने आत्महत्या कर चुके हैं। जून माह में आत्महत्याओं का सिलसिला लगातार जारी है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के लोगों के नौकरी और धंधों की कमर तोड़ दी है। लॉक डाउन के कारण करीब दो माह तक काम-धंधों पर ताले लग गए और घरों में बैठने को मजबूर हो गए। वहीं, काफी लोगों का रोजगार छूट गया। इसके चलते लोगों के बीच आर्थिक तंगी, घरेलू कलह और मानसिक तनाव बढ़ गया है। कई लोग इस जंग को लडऩे के बजाय जिदंगी से हार मान रहे हैं। इसी का उदाहरण है कि अलवर पुलिस जिले में अप्रेल और मई माह में 28 लोगों ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर मौत को गले लगा दिया। वहीं, भिवाड़ी पुलिस जिले में अप्रेल माह में 7 लोगों ने आत्महत्या की तथा मई माह में आत्महत्याओं का ग्राफ चार गुणा बढ़ गया। मई माह में भिवाड़ी पुलिस जिले में 28 लोगों ने आत्महत्या की। जून माह में अलवर जिले में आत्महत्याओं का सिलसिला बदस्तूर जारी है। मोटे अनुमान के अनुसार अलवर जिले में जून माह में भी अब तक 20 से ज्यादा लोग आत्महत्या कर चुके हैं।
केस-एक
शहर के एनईबी थाना क्षेत्र के मुल्तान नगर इलाके में 12 जून की रात एक दम्पती ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। दोनों ने अपने मकान में अलग-अलग कमरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इनके आत्महत्या करने के पीछे मुख्य वजह आर्थिक तंगी और घरेलू कलह सामने आई।
केस-दो
19 जून को शहर में दो आत्महत्या के मामले सामने आए। जिनमें एक मामले में ट्रांसपोर्ट नगर निवासी युवक ने सिलीसेढ़ झील में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं, अपनाघर शालीमार आवासीय सोसायटी के फ्लैट में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने सुसाइड नोट में अपने रिश्तेदार पर पैसों के लेनदेन को लेकर परेशान करने का आरोप लगाया।
कायरतापूर्ण कृत्य
आत्महत्या करना एक कायरतापूर्ण कृत्य है। किसी भी प्रकार के तनाव से मुक्त रहने के लिए व्यक्ति को अपने परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों से अधिक सम्पर्क में रहना चाहिए और अपनी बातों को साझा करना चाहिए। जिससे कि वह तनावमुक्त रह सके। यदि आपका कोई परिवारजन, रिश्तेदार या दोस्त तनाव में है तो उसके तनाव को दूर करने का प्रयास करें। ताकि वह आत्महत्या जैसा कायरतापूर्ण कदम न उठाए।
- परिस देशमुख, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।

Published on:
21 Jun 2020 12:20 am
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