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अलवर में बम की धमकी से मचा हड़कंप: पासपोर्ट ऑफिस और मिनी सचिवालय को उड़ाने का आया मेल, खाली कराए गए दफ्तर

अलवर शहर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए अज्ञात हमलावरों ने बम ब्लास्ट की धमकी दी है। जयपुर स्थित मुख्यालय को मिले एक ईमेल में राजस्थान के कई पासपोर्ट दफ्तरों के साथ-साथ अन्य सरकारी इमारतों को भी उड़ाने की बात लिखी थी।

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अलवर शहर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए अज्ञात हमलावरों ने बम ब्लास्ट की धमकी दी है। जयपुर स्थित मुख्यालय को मिले एक ईमेल में राजस्थान के कई पासपोर्ट दफ्तरों के साथ-साथ अन्य सरकारी इमारतों को भी उड़ाने की बात लिखी थी। इस मेल में साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि दोपहर 12:15 बजे तक बम धमाका कर दिया जाएगा। जैसे ही इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली तो प्रशासन अलर्ट हो गया।

खाली कराया गया पासपोर्ट ऑफिस

धमकी की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और सबसे पहले पासपोर्ट ऑफिस को खाली कराने का काम शुरू किया। उस समय दफ्तर में दर्जनों कर्मचारी काम कर रहे थे और लोग अपने पासपोर्ट संबंधी काम के लिए आए हुए थे। पुलिस ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे परिसर को सील कर दिया। करीब दो घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन और जांच-पड़ताल के बाद जब कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। दोपहर करीब 2:30 बजे पासपोर्ट कार्यालय में दोबारा कामकाज शुरू हो सका।


मिनी सचिवालय की सुरक्षा भी चाक-चौबंद

ईमेल में केवल पासपोर्ट ऑफिस ही नहीं, बल्कि अलवर के मिनी सचिवालय (Mini Secretariat) को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके चलते कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी दफ्तरों वाले इस बड़े परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। हालांकि, यहां भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इस अचानक हुई कार्रवाई और अफरा-तफरी के कारण आम जनता को भारी मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा।


पहले भी मिल चुकी हैं धमकी, पुलिस के हाथ खाली

हैरानी की बात यह है कि अलवर पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की यह पहली धमकी नहीं है। इससे पहले इसी साल 10 मार्च और 27 मार्च को भी इसी तरह के धमकी भरे संदेश मिल चुके हैं। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अभी तक इन मामलों में एक भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। वर्तमान में पुलिस की साइबर टीम इस ईमेल के वास्तविक स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है ताकि यह साफ हो सके कि यह किसी की शरारत है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा।