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12 हजार युवाओं का बेरोजगारी भत्ता अटका, ये है वजह 

राजस्थान के हजारों शिक्षित बेरोजगारों के लिए 'मुख्यमंत्री युवा संबल योजना' इन दिनों उम्मीद के बजाय परेशानी का सबब बन गई है।

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representative picture (AI)

राजस्थान के हजारों शिक्षित बेरोजगारों के लिए 'मुख्यमंत्री युवा संबल योजना' इन दिनों उम्मीद के बजाय परेशानी का सबब बन गई है। तकनीकी खामियों के चलते विभाग का ईईएमएस (EEMS) पोर्टल पिछले करीब 20 दिनों से बंद पड़ा है, जिससे न केवल नए आवेदन रुक गए हैं, बल्कि पुराने लाभार्थियों का सत्यापन भी अटक गया है।

16 अप्रैल से ठप है सिस्टम

रोजगार विभाग का पोर्टल तकनीकी कारणों से 16 अप्रैल से ही बंद है। पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि मई की शुरुआत में इसे ठीक कर लिया जाएगा, लेकिन मई का पहला हफ्ता बीत जाने के बाद भी पोर्टल शुरू नहीं हो पाया है। इस देरी ने उन युवाओं की चिंता बढ़ा दी है जो अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और किताबों का खर्च इसी भत्ते से निकालते हैं।

अलवर के 12 हजार युवाओं पर सीधा असर

अकेले अलवर जिले की बात करें तो यहाँ 12,000 से अधिक युवा इस योजना के तहत पंजीकृत हैं। पोर्टल बंद होने का सबसे बड़ा नुकसान उन युवाओं को हो रहा है जिनका मासिक सत्यापन (Verification) होना था। बिना सत्यापन के भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती है। वहीं, जो नए स्नातक युवा योजना से जुड़ना चाहते थे, वे पोर्टल न खुलने के कारण आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।

7 महीनों से नहीं आया है पैसा

पोर्टल की खराबी तो हालिया समस्या है, लेकिन भुगतान का संकट काफी पुराना है। प्रदेश भर में बेरोजगारी भत्ते का करीब 420 करोड़ रुपए बकाया है।
अंतिम भुगतान: सितंबर 2025 के बाद से अधिकांश युवाओं के खाते में पैसे नहीं आए हैं।
आर्थिक संकट: पिछले 7 महीनों से भुगतान अटकने के कारण छात्रों को रूम रेंट, कोचिंग फीस और फॉर्म भरने के पैसों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

क्या है विभाग की स्थिति?

विभागीय सूत्रों के अनुसार, पोर्टल को अपडेट करने और तकनीकी सुधारों के लिए उच्च स्तर पर काम चल रहा है। हालांकि, यह कब तक पूरी तरह चालू होगा, इसकी कोई आधिकारिक समय सीमा फिलहाल स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि बजट और पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें दूर होते ही बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

फिलहाल, अलवर सहित प्रदेश के लाखों युवा इस उम्मीद में हैं कि जल्द ही पोर्टल 'ग्रीन सिग्नल' देगा और उनके खातों में अटकी हुई राशि पहुँच पाएगी।

पोर्टल पर तकनीकी कार्य किया जा रहा है और इसमें कुछ नए अपडेट भी जोड़े जा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। पोर्टल को जल्द ही शुरू किया जाएगा - हरीश नैनकवाल, सहायक निदेशक, रोजगार विभाग