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कोटपूतली-बहरोड़: ACB की कार्रवाई, 40 हजार रुपये रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार

एसीबी चौकी भिवाड़ी की टीम ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले की तहसील पावटा के भैसलाना पटवार हल्का में तैनात पटवारी प्रमोद सामरिया को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

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एसीबी की गिरफ्त में आरोपी (फोटो - पत्रिका)

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आज एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी चौकी भिवाड़ी की टीम ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले की तहसील पावटा के भैसलाना पटवार हल्का में तैनात पटवारी प्रमोद सामरिया को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

क्यों मांगी गई थी रिश्वत?

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने भिवाड़ी चौकी में एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, परिवादी के पिता की पैतृक जमीन के बंटवारे का मामला पिछले 5-6 वर्षों से एसडीएम कोर्ट (SDM Court) में चल रहा था। 20 जून 2025 को कोर्ट ने परिवादी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए पटवारी प्रमोद सामरिया को 'कुरेजात रिपोर्ट' बनाकर 24 जुलाई 2025 तक पेश करने के आदेश दिए थे।

आरोप है कि पटवारी ने महीनों बीत जाने के बाद भी यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की। रिपोर्ट पेश करने की एवज में आरोपी पटवारी ने परिवादी से 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की और उसे लगातार परेशान कर रहा था।

किस्तों में तय हुआ था रिश्वत का सौदा

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 29 अप्रैल 2026 को रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान पटवारी ने परिवादी की विनती पर रिश्वत की राशि को कम कर 80 हजार रुपये तय कर लिया। यह तय हुआ कि यह राशि तीन किस्तों में दी जाएगी, जिसकी पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये आज देना तय हुआ था।

एसीबी ने बिछाया जाल और आरोपी धरा गया

बुधवार को को एसीबी के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में भिवाड़ी चौकी प्रभारी परमेश्वर लाल (उप अधीक्षक पुलिस) के नेतृत्व में ट्रैप की कार्रवाई की गई। जैसे ही आरोपी पटवारी प्रमोद सामरिया ने परिवादी से रिश्वत की पहली किस्त के 40,000 रुपये लिए, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

आगे की कार्रवाई जारी

आरोपी से पूछताछ की जा रही है और एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है व अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।