
अलवर. अलवर-दिल्ली रेलमार्ग पर दाउदपुर फाटक के पास शनिवार देर रात चचेरे भाई-बहन ने ट्रेन के आगे छलांग लगा जान दे दी। दोनों के शव रविवार सुबह पटरियों पर पड़े मिले। सूचना पर जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुुंची और शवों को कब्जे में लेकर सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया।
पुलिस के अनुसार दोनों मृतकों के हाथ-पैर स्कार्फ से बंधे हुए थे। इनमें से युवती की शिनाख्त सरमथुरा (धौलपुर) के झिरी भम्मपुरा निवासी आरती मीणा (23) पुत्री ओमीलाल के रूप में हुई। युवती के पास एक बैग भी मिला, जिसमें कुछ किताबें, आईडी, पर्स, एक कागज (जिस पर टेलिफोन नम्बर लिखे थे) व 50 रुपए रखे हुए थे। आईडी के आधार पर युवती की पहचान हो सकी। बाद में पुलिस की सूचना पर अलवर पहुंचे युवती के परिजनों ने युवक की पहचान झिरी भम्मपुरा निवासी रवि मीणा (25) पुत्र मोहर सिंह के रूप में की। पुलिस के अनुसार दोनों मृतक चचेरे भाई-बहन थे और जयपुर में रहकर पुलिस व रेलवे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
गैंगमैन ने दी सूचना
जीआरपी थाना प्रभारी रमेशचंद ने बताया कि रविवार सुबह गैंगमैन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रेन की चपेट में आने से रवि का बायां हाथ व दाहिना पैर कट गया। वहीं, आरती का दाहिना पैर कटा पाया गया। गौरतलब है कि चार भाई व एक बहन में रवि तीसरे नम्बर का था। वहीं, आरती अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। आरती के साथ छोटा भाई भी जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
बैंक परीक्षा की कहकर अलवर आए थे
पुलिस के अनुसार दोनों मृतक अपने परिजनों से एसएससी बैंक की परीक्षा देने की कहकर अलवर आए थे, लेकिन दोनों में से किसी के पास बैंक परीक्षा का कोई प्रवेश पत्र नहीं मिला। युवती के बैग में एक प्रवेश पत्र अवश्य मिला, लेकिन वह करीब तीन माह पुराना बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा का था।
एक साल पहले हो गई थी सगाई
युवती आरती की सगाई करीब एक साल पहले करौली के लांगरा गांव निवासी एक युवक के साथ हुई थी। आरती पिछले एक माह से जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। वहीं, रवि छह माह से जयपुर रहकर कोचिंग कर रहा था। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का लगता है। दोनों युवक-युवती हाथ-पैर स्कार्फ से बांध पटरियों पर लेटे थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए हैं।