
अलवर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। स्कीम नंबर 4 निवासी 82 वर्षीय सेवानिवृत्त जनसंपर्क अधिकारी प्रमोद कुमार मिश्रा के बैंक खाते से साइबर ठगों ने करीब 6 लाख रुपए निकाल लिए। ठगी का पता चलते ही बुजुर्ग ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 4 लाख रुपए की राशि होल्ड करा दी।
पीड़ित प्रमोद कुमार मिश्रा, पुत्र बृजकिशोर मिश्रा, दिल्ली से जनसंपर्क अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 17 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति उनके घर आया था। उसने खुद को एक निजी बैंक का कर्मचारी बताया और पेंशन कार्ड बनवाने के फायदे गिनाए।
बातचीत के दौरान आरोपी ने बुजुर्ग से उनका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई। कुछ समय बाद आरोपी ने प्रमोद कुमार मिश्रा के मोबाइल पर एक लिंक भेजा। आरोपी ने संभवत: किसी बैंकिंग सुविधा या पेंशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया बताकर बुजुर्ग को लिंक खोलने के लिए कहा।
बुजुर्ग ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते को निशाना बना लिया। पीड़ित के अनुसार, शाम करीब 5 बजे तक उनके खाते से तीन अलग-अलग बार में कुल 6 लाख रुपए निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने का पता चलने पर बुजुर्ग के होश उड़ गए।
इसके बाद उन्होंने बिना देरी किए साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित पुलिस टीम ने बैंकिंग सिस्टम के जरिए ट्रांजेक्शन को ट्रेस करने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस की तत्परता से ठगी की रकम में से 4 लाख रुपए होल्ड कराने में सफलता मिली है।
मामले में एसओजी जयपुर से जीरो नंबर की एफआईआर प्राप्त होने के बाद अलवर साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है, जिसने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर बुजुर्ग से संपर्क किया था। साथ ही मोबाइल नंबर, भेजे गए लिंक और बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की ओर से लोगों से लगातार अपील की जाती है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल पर आए लिंक को क्लिक न करें। बैंक कर्मचारी बनकर फोन या घर पहुंचने वाले लोगों से भी सावधान रहें। बैंक, पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी फोन पर ओटीपी, पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करने से रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।