अलवर जिला अस्पताल के पीएमओ पद पर बड़ा फेरबदल हुआ है। 7 दिन पहले नियुक्त हुए डॉ. पीसी सैनी को हटाकर राज्य सरकार ने डॉ. प्रवीण शर्मा को नया पीएमओ बनाया है। डॉ. शर्मा ने पदभार संभालते ही अस्पताल को नंबर-1 बनाने का संकल्प लिया है।
राजस्थान के अलवर जिला अस्पताल (राजकीय सामान्य चिकित्सालय) में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिला है। अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) के पद पर हुई नियुक्ति महज सात दिन भी नहीं टिक सकी। 1 अप्रैल को कार्यभार संभालने वाले डॉ. पीसी सैनी को हटाकर अब राज्य सरकार ने डॉ. प्रवीण शर्मा को नया पीएमओ नियुक्त किया है।
बता दें कि जिला अस्पताल में लंबे समय तक पीएमओ रहे डॉ. सुनील चौहान 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए थे। उनके रिटायरमेंट के बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत वरिष्ठता और नियमों को ध्यान में रखते हुए डॉ. पीसी सैनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन अभी डॉ. सैनी को पद संभाले एक हफ्ता भी पूरा नहीं हुआ था कि राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद अचानक उनके स्थान पर डॉ. प्रवीण शर्मा के नाम के आदेश जारी कर दिए गए।
जैसे ही यह खबर अस्पताल परिसर में फैली, स्टाफ और डॉक्टर्स के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। हर कोई इस बात से हैरान था कि आखिर इतनी जल्दी बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि यह निर्णय पूरी तरह से राज्य सरकार के स्तर पर लिया गया है।
डॉ. प्रवीण शर्मा जिला अस्पताल के अनुभवी चिकित्सकों में हैं। वे लंबे समय से अस्पताल में ट्रामा इमरजेंसी के इंचार्ज के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्हें एक कुशल प्रशासक के रूप में देखा जाता है, यही वजह है कि सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए अलवर के सबसे बड़े अस्पताल की कमान उनके हाथों में सौंपी है।
मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद नए पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि जो जिम्मेदारी मुझे दी है, उसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। हमारा एकमात्र लक्ष्य अलवर जिला अस्पताल को स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में प्रदेश में नंबर-1 बनाना है। डॉ. शर्मा ने अस्पताल की मौजूदा समस्याओं को लेकर भी अपनी योजना साझा की और पार्किंग समस्या पर कहा कि अस्पताल में पार्किंग की बड़ी समस्या है, जिसे जल्द सुलझाया जाएगा। साथ ही अधूरे निर्माण कार्य पर कहा कि अस्पताल में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को गति देकर समय पर पूरा कराया जाएगा।इसके अलावा उन्होंने कहा कि ट्रॉमा और ओपीडी में आने वाले मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज मिल सके, इसके लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।