
अलवर. शहर की यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए नगर विकास न्यास (यूआइटी) ने काम शुरू कर दिया है। बिजलीघर चौराहा व एसएमडी सर्किल पर यातायात अधिक है। ऐसे में यहां यूआइटी ने मार्किंग की है, उस दायरे से वेंडर बाहर हो जाएंगे। यानी वेंडरों के जरिए हो रहा अतिक्रमण हटाया जाएगा। यूआइटी का कहना है कि एक सप्ताह में यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर होगा। दूसरे चरण में जेल सर्किल को लिया जाएगा।
शहर में बढ़ते वाहनों के कारण सड़कें संकरी होती जा रही हैं। सबसे अधिक प्रभाव गौरव पथ पर पड़ रहा है। सर्वे के आधार पर एसएमडी सर्किल, बिजलीघर चौराहा व जेल सर्किल पर सर्वाधिक यातायात गुजरता है। प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही से जाम जैसे हालात बनते हैं। सर्किल व चौराहों के चारों ओर वेंडरों ने अतिक्रमण करके रास्ते और संकरे कर दिए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही यूआइटी ने इन जगहों पर काम शुरू किया है।
ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए यह किया जा रहा
-एसएमडी व बिजलीघर चौराहे पर मार्किंग की गई है।
-स्लिप लेन में कोई भी वेंडर ठेला नहीं लगेगा।
-सड़क किनारे लगाई गई ग्रिल के बाहर व फुटपाथ पर वेंडर खड़े नहीं हो सकेंगे।
-चौराहे या सर्किल पर सड़क किनारे दोपहिया व चोपहिया वाहन खड़े नजर नहीं आएंगे।
-सड़क किनारे वाहन खड़े करने वाले लोगों को चेतावनी दी जाएगी, उसके बाद कार्रवाई होगी।
-यातायात नियमों का पालन करवाया जाएगा।
ऐसे गुजरते हैं वाहन
गौरव पथ पर बहरोड़ से लेकर तिजारा व जयपुर तक के वाहनों का आवागमन होता है। लिंक रोड के जरिए लोग कार्यालयों के अलावा बाजार जाते हैं। ऐसे में वाहनों की संख्या में इजाफा होता है। इसका प्रबंधन किया जा रहा है। गौरव पथ जेल सर्किल से लेकर कटीघाटी तक स्मार्ट किया जाना है। ऐसे में यहां का यातायात प्रबंधन बेहतर किया जा रहा है।
सामान्य अस्पताल की दीवार के बाहर अतिक्रमण ज्यादा
नगर निगम ने सामान्य अस्पताल के बाहर लगे दर्जनभर ठेलों को कई बार हटाया, लेकिन यहां फिर लग जाते हैं। निगम माॅनिटरिंग नहीं करता। यही ठेले स्लिप लेन में खड़े हैं। ऐसे में इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करना जरूरी है।
Published on:
07 Apr 2026 12:01 pm
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