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अलवर जिला उपभोक्ता मामलों के निपटारे में नंबर वन, नए आयोग बनाने की उठ रही मांग

उपभोक्ता मामलों के निस्तारण में अलवर साल 2017 से साल 2023 तक राज्य में प्रथम स्थान पर है। पहले उपभोक्ता अपने अधिकारों से अंजान थे, इसलिए आवाज उठाने से डरते थे। लेकिन अब लोग अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हुए हैं। इसका नतीजा है कि अलवर में उपभोक्ता आयोग में हर महीने सौ से ज्यादा नए मामले दर्ज हो रहे हैं।

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Mar 15, 2024
उपभोक्ता मामलों के निस्तारण में अलवर प्रथम स्थान पर है

पहले उपभोक्ता अपने अधिकारों से अंजान थे, इसलिए आवाज उठाने से डरते थे। लेकिन अब लोग अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हुए हैं। इसका नतीजा है कि अलवर में उपभोक्ता आयोग में हर महीने सौ से ज्यादा नए मामले दर्ज हो रहे हैं।

लगातार निस्तारण के बाद भी उपभोक्ता आयोग में लगभग 4,969 मामले लंबित है। इस साल जनवरी व फरवरी में ही 60 दिनों में 118 वाद दायर हो चुके हैं। आयोग में अभी तक 5,233 मामले दर्ज हुए हैं। उपभोक्ता मामलों के निस्तारण में अलवर साल 2017 से साल 2023 तक राज्य में प्रथम स्थान पर है।

पूर्व में हुई थी नए आयोग की पहल, अब मामला ठंडा

अलवर में से दो नए जिले खैरथल किशनगढ़, बहरोड कोटपूतली बनने के बाद भी नए आयोग का गठन नहीं हुआ हैं। अलवर में जिलेभर के वाद दायरे किए जा रहे हैं। संख्या अधिक होने के कारण तय समय में सभी को न्याय मिलने में देरी हो रही हैं।

मुकदमों की बढ़ती संख्या के चलते जिले में एक नए आयोग की जरूरत बनी हुई है ताकि खैरथल व बहरोड़ आदि के उपभोक्ताओं को उनके ही क्षेत्र में न्याय मिले। गौरतलब है कि वनमंत्री और विधायक संजय शर्मा ने पूर्व में इसके लिए पहल की थी, लेकिन यह फाइल आगे नहीं बढ पाई और मामला भी दब गया।

आयोग में होती है 50 लाख तक की सुनवाई

उपभोक्ता अधिनियम 1986 आने के बाद अलवर में उपभोक्ता मंच कार्य कर रहा था। जिसमें 20 लाख रुपए तक के मामले ही सुने जाते थे। लेकिन साल 2020 में मंच को आयोग बना दिया गया। अब यहां पर 50 लाख रुपए तक के मामलों की सुनवाई होती है। इससे अधिक की सुनवाई के लिए राज्य आयोग में जाना पड़ता है।

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Published on:
15 Mar 2024 12:26 pm
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